अपहरण-फिरौती मामले का घोषित अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान सुमित उर्फ बादल (30) के रूप में हुई है। वह हरियाणा के हिसार का रहने वाला है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने शुक्रवार को बताया कि आरोपित सुमित उर्फ बादल थाना कपासहेड़ा में दर्ज वर्ष 2019 के अपहरण-फिरौती मामले (एफआईआर संख्या 204/2019) में वांछित था। आरोपित को द्वारका कोर्ट ने बीती 13 मार्च को भगोड़ा घोषित किया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की (डब्ल्यूआर-II) यूनिट ने लगातार अभियान चलाया हुआ है। इसी दौरान 24 मार्च को एसआई कुलदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली कि आरोपित हिसार के धिरणवास गांव स्थित हनुमान मंदिर के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। तकनीकी निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के हिसार जिले के धिरणवास गांव में दबिश दी और आरोपित को दबोच लिया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित ने अपने साथी अजीत उर्फ जीतू और मनीष उर्फ गोगा के साथ मिलकर कपासहेड़ा इलाके से एक व्यक्ति का अपहरण किया था। आरोपितों ने पीड़ित को दिनभर कार में बंधक बनाकर रखा और उसके परिवार से छह लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती मिलने में देरी होने पर पीड़ित के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे चलती गाड़ी से फेंक दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित को पहले इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वर्ष 2022 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह फरार हो गया और अदालत की कार्यवाही से बचता रहा। इसके चलते कोर्ट ने उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

