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टिंडर पर दोस्ती, फिर फर्जी पुलिस बनकर वसूली, क्राइम ब्रांच ने तीन को दबोचा

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टिंडर पर दोस्ती, फिर फर्जी पुलिस बनकर वसूली, क्राइम ब्रांच ने तीन को दबोचा


नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर फर्जी पुलिस रेड के नाम पर लाखों रुपये की उगाही करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान नजफगढ़ निवासी सुशील कुमार, सोनीपत निवासी दीपक उर्फ साजन, उत्तम नगर निवासी विनोद पंडित और तिलक नगर निवासी नीरज त्यागी उर्फ धीरू के रूप में हुई है। पुलिस गिरोह के दो अन्य सदस्यों गगन और पूजा उर्फ कीर्ति की तलाश कर रही है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने शनिवार को बताया कि मामला एफआईआर नंबर 124/2026 के तहत क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज किया गया है। गिरोह सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप टिंडर पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद युवकों को मिलने के बहाने सुनसान जगह या किराये के फ्लैट में बुलाया जाता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर रेड डालते थे और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे।

पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, एएसआई अशोक को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर पवन कुमार की निगरानी में एक टीम गठित की गई। 12 मई को राजौरी गार्डन स्थित कल्याण ज्वेलर्स के पास जाल बिछाया गया। इस दौरान संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की गई। मौके से तीन आरोपित फरार हो गए, जबकि सुशील कुमार को पीड़ित के साथ दबोच लिया गया। वह फर्जी पुलिस यूनिफॉर्म पहने हुए था।

पूछताछ में आरोपित ने अपने साथियों दीपक, नीरज, विनोद और कीर्ति के नाम बताए। बाद में पुलिस ने बाकी तीन आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि दीपक उर्फ साजन डेटिंग ऐप पर “कीर्ति” नाम से फर्जी महिला प्रोफाइल चलाता था और लोगों से चैट कर उन्हें मिलने बुलाता था।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात टिंडर पर “कीर्ति” नाम की युवती से हुई थी। युवती ने उसे जनकपुरी स्थित हल्दीराम के पास बुलाया और फिर एक फ्लैट में ले गई। वहां पहले से मौजूद चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे रेप केस में फंसाने की धमकी दी और 15 लाख रुपये की मांग की। आरोपितों ने पीड़ित को उसकी मारुति सियाज कार में बैठाकर कई घंटे तक घुमाया और एटीएम से पैसे निकालने का दबाव बनाया। जांच में पता चला कि गिरफ्तार तीनों आरोपि पहले भी बिंदापुर थाने में दर्ज इसी तरह के मामले में शामिल रह चुके हैं। वहीं सुशील कुमार को भी 2017 में इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी