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कारोबारी से रंगदारी मांगने का आरोपित गिरफ्तार, बिश्नोई-रंदीप मलिक गैंग से जुड़े होने का संदेह

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कारोबारी से रंगदारी मांगने का आरोपित गिरफ्तार, बिश्नोई-रंदीप मलिक गैंग से जुड़े होने का संदेह


नई दिल्ली, 22 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली में कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-2 टीम ने फरार चल रहे आरोपित को रानीबाग से गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान अमरजीत उर्फ अमर (40) के रूप में हुई है। वह त्रिनगर, रामपुरा का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि आरोपित का कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई-रंदीप मलिक गैंग से संबंध था। आरोपित ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।

पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में मौर्या एन्क्लेव थाने में 12 अप्रैल 2026 को एफआईआर संख्या 112/2026 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसे व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज मिले थे। कॉल करने वाले ने खुद को रंदीप मलिक और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और दो करोड़ रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को व्हाट्सऐप चैट और मैसेज भी उपलब्ध कराए थे।

पुलिस अधिकारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने आरोपित की तलाश के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ रानीबाग, मुल्तानी मोहल्ला और त्रिनगर इलाके में स्थानीय स्तर पर भी सूचना जुटाई। 19 अगस्त को टीम को रानीबाग इलाके में आरोपित के संबंध में सूचना मिली। इसके बाद इलाके में जाल बिछाया गया। 20 अगस्त की शाम करीब पांच बजे मुखबिर से आरोपित के मुल्तानी मोहल्ला, रानीबाग में मौजूद होने की सूचना मिली, जहां से उसे दबोचा गया।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित पहले करोलबाग के मोबाइल बाजार में काम कर चुका है और दसवीं तक पढ़ा है। पुलिस के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक वह कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री में भी शामिल था। मौजूदा रंगदारी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था।

जांच में सामने आया कि आरोपित ने कथित तौर पर अपने एक सह-आरोपित से किसी आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति का मोबाइल नंबर मांगा था, ताकि उसे धमका कर रकम वसूली जा सके। सह-आरोपित ने शिकायतकर्ता का नंबर और रंगदारी के लिए इस्तेमाल करने वाला मोबाइल फोन उपलब्ध कराया था। इसके बाद आरोपित ने शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाया और दो करोड़ रुपये की मांग की।

पुलिस के अनुसार, रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेने की तैयारी थी और शिकायतकर्ता को भुगतान के लिए लिंक भी भेजा गया था। आरोपित और सह-आरोपित के बीच स्नैपचैट के जरिए बातचीत होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब आरोपित से पूछताछ कर रंगदारी की पूरी साजिश, गैंग से उसके संबंध और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी