योगा क्लास से शुरू हुई कहानी, ब्लैकमेलिंग तक पहुंची, 18 लाख की उगाही मामले में फरार आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने गुरुग्राम के ब्लैकमेलिंग और उगाही मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने महिला से नजदीकियां बढ़ाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की उगाही की। पुलिस ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट के पास से दबोचा।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम के अनुसार, यह मामला गुरुग्राम के पालम विहार थाने में दर्ज है। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि कोविड काल के दौरान वह आरोपित राकेश शर्मा की योगा क्लास में शामिल हुई थी। इसी दौरान आरोपित ने भरोसा जीतकर उससे नजदीकियां बढ़ाईं और शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि आरोपित ने इस दौरान चुपके से उनके निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।
कुछ समय बाद आरोपित ने इन्हीं वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर और सामाजिक बदनामी के दबाव में महिला ने आरोपित को तीन लाख रुपये दे दिए।
आरोपित ने उस समय वीडियो डिलीट करने का झांसा दिया, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। मार्च 2026 में आरोपित ने फिर से महिला से संपर्क किया और आपत्तिजनक वीडियो उसके पति को भेज दिए। इसके बाद उसने 15 लाख रुपये की मांग की। महिला ने 20 मार्च को इस संबंध में पुलिस में शिकायत दी। अगले दिन 21 मार्च को जब आरोपित की पत्नी नीतू शर्मा उगाही की रकम लेने पहुंची, तो गुरुग्राम पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि, मुख्य आरोपित राकेश शर्मा मौके से फरार हो गया और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपित की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा गया। टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपित पटियाला हाउस कोर्ट के आसपास आने वाला है। इसके बाद 23 अप्रैल को जाल बिछाकर उसे तिलक मार्ग स्थित कोर्ट परिसर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि उसने पहले भी पैसे लेने के बावजूद वीडियो अपने पास सुरक्षित रखे थे। आर्थिक तंगी के चलते उसने दोबारा महिला को ब्लैकमेल किया और बड़ी रकम की मांग की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित का आपराधिक इतिहास रहा है। जांच में पता चला है कि आरोपित उप्र के साहिबाबाद में हत्या के एक मामले में करीब 8-9 साल तक जेल में रह चुका है और 2018 में जमानत पर बाहर आने के बाद योगा क्लास चलाने लगा था। फिलहाल आरोपित को अदालत में पेश कर संबंधित थाने को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

