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नकली इनो, नेस्कैवे बनाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 20 लाख का माल जब्त, चार गिरफ्तार

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नकली इनो, नेस्कैवे बनाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 20 लाख का माल जब्त, चार गिरफ्तार


नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सदर्न रेंज) और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली में नकली इनो पाउडर और नकली नेस्कैफे कॉफी बनाने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके में चल रही इस अवैध फैक्ट्री से करीब 20 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर मधु विहार स्थित दो फ्लैटों में छापेमारी की गई। यहां अवैध रूप से इनो और नेस्कैफेके नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। मौके पर मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर पैकिंग का काम चल रहा था। पुलिस ने करीब एक लाख इनो के सैशे और करीब 50 हजार नकली नेस्कैफे कॉफी सैशे बरामद किए, जो बाजार में सप्लाई के लिए तैयार थे।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान तीन फिलिंग मशीन, भारी मात्रा में कच्चा माल, करीब 500 किलो कॉफी पाउडर, एसिड से भरे ड्रम, पैकेजिंग सामग्री, स्टिकर, फॉयल रोल, कार्टन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपित पिछले दो महीनों से इस अवैध धंधे को चला रहे थे।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तम दास (23) और पापाई दास बराग्या उर्फ पंकज (19) के रूप में है। यह दोनों शास्त्री नगर के रहने वाले है।जबकि नितिन भारद्वाज (38) गीता कॉलोनी का और संजय बंसल (50) त्रिनगर का रहने वाला है। पुलिस ने पहले दो आरोपितों को मौके से गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपित नितिन भारद्वाज को तकनीकी निगरानी के आधार पर देहरादून के सहस्त्रधारा से दबोचा गया। इसके बाद संजय बंसल को कश्मीरी गेट के पास से गिरफ्तार किया गया, जब वह शहर छोड़ने की कोशिश कर रहा था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा रैकेट सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। आरोपित नामी कंपनियों के ब्रांड का दुरुपयोग कर नकली उत्पाद तैयार करते थे और उन्हें देशभर के थोक और खुदरा बाजारों में सप्लाई करते थे।

वहीं जांच के दौरान संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। जिन्होंने बरामद इनाे और कॉफी उत्पादों को पूरी तरह नकली करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उत्पाद उनकी कंपनी द्वारा न तो बनाए गए हैं और न ही किसी अधिकृत डीलर के जरिए सप्लाई किए गए हैं।

इस मामले में क्राइम ब्रांच थाना में एफआईआर नंबर 86/26 दर्ज कर ली गई है। आरोपितोंं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी