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आदतन ड्रग तस्कर हसीना खातून पर पीआईटीएनडीपीएस के तहत कार्रवाई, चेन्नई जेल भेजने की तैयारी

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आदतन ड्रग तस्कर हसीना खातून पर पीआईटीएनडीपीएस के तहत कार्रवाई, चेन्नई जेल भेजने की तैयारी


नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आदतन महिला ड्रग तस्कर को पीआईटीएनडीपीएस एक्ट (विशेष अधिकारी) के तहत हिरासत में ले लिया है। आरोपित को दिल्ली से दूर चेन्नई की पुझल सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाएगा ताकि उसके नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने मंगलवार को बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने आरोपित जाकिर नगर निवासी हसीना खातून उर्फ बज्जी उर्फ सना (25) को 11 अप्रैल को तिहाड़ जेल परिसर से ही डिटेंशन ऑर्डर के तहत हिरासत में लिया। आरोपित पहले से ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के एक मामले में न्यायिक हिरासत में बंद थी। कार्रवाई इंस्पेक्टर राकेश की टीम के सुपरविजन में हुई।

पुलिस के मुताबिक, हसीना खातून लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थी और उसका मुख्य मकसद अवैध तरीके से मादक पदार्थों की सप्लाई कर आर्थिक लाभ कमाना था। आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तीन मामले और एक अन्य मामला (पॉस्को व आईपीसी) दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि पहली बार वर्ष 2021 में थाना गोविंदपुरी में दर्ज एनडीपीएस मामले में उसका नाम सामने आया था, जहां उसे मुख्य आरोपितों को ड्रग सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जेल से छूटने पर उसने फिर से तस्करी शुरू कर दी और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स क्राइम ब्रांच के मुकदमें में कमर्शियल मात्रा में स्मैक के साथ पकड़ी गई।

इसके अलावा थाना हजरत निजामुद्दीन में दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में भी मुख्य आरोपितों ने उसे गांजा सप्लायर के रूप में नामित किया था। इस काम में उसका पति मासूम आलम भी शामिल पाया गया, जिसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपित की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसका डिटेंशन प्रस्ताव तैयार कर वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग को भेजा था। इसके बाद पीआईटीएनडीपीएसएक्ट, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया।

पुलिस का कहना है कि हसीना खातून की समाज में मौजूदगी सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा थी। यही वजह है कि सामान्य कानूनी कार्रवाई के बजाय उसे प्रिवेंटिव डिटेंशन में लिया गया है। अब तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपित को जल्द ही चेन्नई की पुझल सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जाए, जिससे उसके ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी