अपराधी समेत हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 100 ग्राम हेरोइन बरामद
नई दिल्ली, 28 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय हेरोइन तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 20 हजार रुपये के इनामी घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से 100 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक कुल 612 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद की जा चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान 31 वर्षीय विजय निवासी कराला के रूप में हुई है। जिसे इस मामले में पहले ही कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक विजय इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सोर्स सप्लायर था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
गुप्त सूचना पर नारायणा-इंदरपुरी में दबिश
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राहुल अलावल ने मंगलवार काे बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को 27 अप्रैल को सूचना मिली थी कि विजय मारुति स्विफ्ट कार से नारायणा क्षेत्र में किसी से मिलने आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर विकास पन्नू की निगरानी में टीम गठित कर जाल बिछाया गया। टीम ने इंदरपुरी इलाके में छापेमारी कर विजय को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसकी कार से 100 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है, जो उसके रिश्तेदार के नाम पर पंजीकृत मिली।
जनवरी 2025 में खुला था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार 20 जनवरी 2025 को मिली सूचना के आधार पर एएनटीएफ ने पुष्पा उर्फ बिन्नी और आवेश उर्फ बिट्टू को 512 ग्राम स्मैक और 94 पुड़ियों के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में पता चला था कि पुष्पा को उसका दामाद अक्षय, विजय, कुसुम और राहुल उर्फ काकू से हेरोइन उपलब्ध कराता था।
पहले भी कई आरोपी हो चुके गिरफ्तार
जांच के दौरान फरार अक्षय को बाद में गिरफ्तार किया गया। वहीं विजय के सहयोगी अवतार सिंह उर्फ रिक्की को भी पकड़ा गया था, जिसके पास से 5.10 लाख रुपये नकद और हेरोइन सप्लाई में इस्तेमाल की जाने वाली केटीएम बाइक बरामद की गई थी। इसके बाद विजय, कुसुम और राहुल उर्फ काकू को इस केस में घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
ऐसे चलता था पूरा ड्रग नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि पुष्पा स्मैक को छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर हैदरपुर रेलवे लाइन के पास नशेड़ियों को बेचती थी। बिट्टू उसका वितरण करता था, जबकि विजय बरेली से हेरोइन लाकर पुष्पा और अक्षय तक पहुंचाता था। पुलिस के मुताबिक विजय नौवीं तक पढ़ा है और रिक्की की गिरफ्तारी के बाद लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

