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मंदिर-अस्पताल में महिलाओं को निशाना बनाने वाली गैंग की सरगना गिरफ्तार, 2023 से थी फरार

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मंदिर-अस्पताल में महिलाओं को निशाना बनाने वाली गैंग की सरगना गिरफ्तार, 2023 से थी फरार


नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शहर में महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह की सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिला की पहचान बवाना निवासी पारो (38) के रूप में हुई है। वह वर्ष 2023 से फरार चल रही थी और दो मामलों में अदालत द्वारा भगोड़ी भी थी।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने शुक्रवार को बताया कि, यह गिरोह खासतौर पर अस्पतालों और मंदिरों में अकेली या असहाय दिखने वाली महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। शहर के अलग-अलग इलाकों में सामने आए मामलों में एक समान तरीका अपनाया जा रहा था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच को इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच की मध्य रेंज टीम ने पिछले एक महीने में करीब 50 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिनमें अस्पताल और मंदिर परिसर शामिल थे। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर नौ अप्रैल को पुलिस ने बवाना इलाके से पारो को गिरफ्तार किया।

ऐसे करती थी महिलाओं को शिकार

जांच में सामने आया कि आरोपित अपने साथियों के साथ मिलकर पहले ऐसी महिलाओं को चिन्हित करती थी जो अकेली हों या किसी परेशानी में दिख रही हों। इसके बाद वे उनसे बातचीत शुरू करती थीं और मदद या सहानुभूति का दिखावा करती थीं। धीरे-धीरे बातचीत के दौरान वे महिलाओं को मानसिक रूप से भ्रमित या असहज कर देती थीं। कई बार वे किसी अनहोनी या बुरे भाग्य का डर दिखाकर पीड़िता का विश्वास जीत लेती थीं। इसी दौरान मौका पाकर वे महिलाओं के सोने के गहने और कीमती सामान ठगी से लेकर फरार हो जाती थीं।

पुलिस के मुताबिक, 18 अप्रैल को एलएनजेपी अस्पताल में एक महिला को इसी तरीके से निशाना बनाया गया था और उसके सोने के गहने ठग लिए गए थे। इस तरह की कई घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में पता चला कि पारो तीन अलग-अलग मामलों में शामिल है। इनमें आईपी एस्टेट और मंदिर मार्ग थाना क्षेत्र के मामले शामिल हैं। वह 2023 से लगातार फरार चल रही थी और 9 नवंबर 2023 को तीस हजारी कोर्ट ने उसे भगाेड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, पारो आठवीं तक पढ़ी है और झुग्गी में रहती है। उसकी शादी 2012 में हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। पति के शराबी होने और आर्थिक तंगी के चलते वह धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गई और बाद में इस गिरोह की सरगना बन गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी