home page

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कारों की सिक्योरिटी तोड़कर चुराता था वाहन, गिरफ्तार

 | 
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कारों की सिक्योरिटी तोड़कर चुराता था वाहन, गिरफ्तार


नई दिल्ली, 01 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक वाहन चोर और चोरी की गाड़ियां ठिकाने लगाने वाले एक रिसीवर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों के कब्जे से चार चोरी की कारें बरामद की गई हैं। इनमें दो कारों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिलीं, जबकि एक कार के चेसिस और इंजन नंबर से भी छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपित इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट और अत्याधुनिक डिवाइस की मदद से कारों की सुरक्षा प्रणाली को चंद मिनटों में बाईपास कर डुप्लीकेट चाबी तैयार करता था और वाहन चोरी कर लेता था।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मेरठ (उप्र) निवासीराशिद उर्फ काला (34) और कैथल (हरियाणा) निवासीविनय (29) के रूप में हुई है। राशिद के खिलाफ दिल्ली में वाहन चोरी के 20 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि विनय कबाड़ी का काम करता है और चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचता था।

पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र से चोरी हुई एक कार हरियाणा के कैथल में छिपाकर रखी गई है। सूचना के बाद इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी के नेतृत्व में एसआई संदीप, एएसआई प्रेमपाल सिंह, हेड कांस्टेबल अनुज, इंदरजीत, अमित और अभिनव की टीम गठित की गई। एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में टीम कैथल पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की।

मुखबिर की निशानदेही पर पुलिस ने कैथल में स्थित एक गोदाम से विनय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर दो कारें बरामद हुईं। इनमें मारुति बलेनो पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जबकि टोयोटा इनोवा पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली। प्रारंभिक जांच में पता चला कि इनोवा का पंजीकरण भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया था। इस मामले में आगे जांच जारी है।

विनय से पूछताछ के बाद 17 जुलाई को पुलिस ने मेरठ निवासी राशिद उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर दो और किआ सेल्टोस कारें बरामद हुईं। इनमें एक कार भारत नगर थाना क्षेत्र से अक्टूबर 2025 में चोरी हुई थी, जबकि दूसरी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। जांच के दौरान उसके चेसिस और इंजन नंबर से छेड़छाड़ मिली, जिससे स्पष्ट हुआ कि वाहन की असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी। पुलिस अब उसके वास्तविक मालिक का पता लगा रही है।

पूछताछ में राशिद ने खुलासा किया कि वह कई वर्षों से वाहन चोरी कर रहा है। शुरुआत में उसने इशरार नामक व्यक्ति से कार चोरी के तरीके सीखे। बाद में उसकी मुलाकात मोहसिन से हुई, जो चोरी की गाड़ियां खरीदकर उन्हें अलग-अलग रिसीवरों के माध्यम से ठिकाने लगाता था।

राशिद ने बताया कि वह अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट और प्रोग्रामिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर कारों की सुरक्षा प्रणाली को बाईपास करता था। इन उपकरणों से वह मौके पर ही डुप्लीकेट चाबी प्रोग्राम कर कार का लॉक खोल देता और कुछ ही मिनटों में वाहन लेकर फरार हो जाता। इसके बाद चोरी की गाड़ियां मोहसिन को सौंप दी जाती थीं, जो उन्हें विनय जैसे रिसीवरों तक पहुंचाता था।

वहीं विनय ने पूछताछ में बताया कि वह कबाड़ का कारोबार करता है। इसी दौरान उसकी पहचान मोहसिन से हुई। मोहसिन चोरी की कारें उसके पास भेजता था, जिन्हें वह काटकर उनके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग ग्राहकों को बेच देता था। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी