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फूड कार्ट संचालक पर जानलेवा हमले के मामले में छह माह बाद मुख्य आरोपित गिरफ्तार

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फूड कार्ट संचालक पर जानलेवा हमले के मामले में छह माह बाद मुख्य आरोपित गिरफ्तार


नई दिल्ली, 01 अगस्त (हि.स.)। पश्चिमपुरी में फूड कार्ट संचालक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित को आखिरकार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की (एनडीआर) यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित पिछले करीब छह माह से पुलिस को चकमा दे रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान धीरज उर्फ जूड़ी (24) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली के अमन विहार क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपित के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी पंजाबी बाग थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 41/2026 के तहत दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में की गई है। आरोपित को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(1)(सी) के तहत गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व वाली टीम ने एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी में की।

पुलिस के अनुसार, घटना 30 जनवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे की है। पश्चिमपुरी इलाके में दीपक नामक युवक अपनी फूड कार्ट पर मौजूद था। इसी दौरान कई हमलावर पीछे से आए और धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पंजाबी बाग थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में धीरज उर्फ जूड़ी अपने साथियों के साथ शामिल था। स्थानीय पुलिस ने मामले में पहले ही रितिक उर्फ माया, अमित, करण, विशाल और बिरजू को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन धीरज और उसके कुछ साथी फरार चल रहे थे। बाद में क्राइम ब्रांच ने भी इसी मामले में वांछित दो आरोपित अमित और रितिक उर्फ माया को गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद धीरज लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि फरार अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि धीरज उर्फ जूड़ी किराड़ी सुलेमान नगर स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में एसआई हेमंत, एएसआई सिद्धार्थ, संजय, अंकित, अमित गुलिया, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र और आशीष की टीम गठित की गई।

टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। मुखबिर ने वहां मौजूद एक युवक की पहचान धीरज के रूप में की। पुलिस ने बिना उसे भागने का मौका दिए दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बताई और हत्या के प्रयास के मामले में शामिल होने की बात स्वीकार की। सत्यापन के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, धीरज गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश में तकनीकी निगरानी, स्थानीय मुखबिर तंत्र और लगातार क्षेत्र में निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। आखिरकार पुख्ता सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

पूछताछ में सामने आया कि धीरज मूल रूप से उप्र के अलीगढ़ जिले का रहने वाला है। उसने दसवीं तक पढ़ाई की है और दिल्ली आकर दिहाड़ी मजदूरी करने लगा था। इसी दौरान उसकी संगत इलाके के बदमाशों से हो गई। पुलिस के मुताबिक, नशे की लत लगने के बाद उसने वर्ष 2022 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे वह कई अपराधियों के संपर्क में आया और लूट, चोरी तथा अवैध हथियार रखने जैसे मामलों में शामिल होता चला गया।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, धीरज के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न थानों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और चोरी का सामान रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उसके खिलाफ मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, अमन विहार, प्रशांत विहार, साउथ रोहिणी तथा ई-पुलिस स्टेशन मोटर व्हीकल थेफ्ट में कई मुकदमे दर्ज हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी