शिमला के उपायुक्त के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट, पुलिस ने शुरू की जांच
शिमला, 05 मार्च (हि.स.)। शातिरों ने शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बना दिया। जैसे ही इस मामले की जानकारी प्रशासन को मिली,तुरंत पुलिस को शिकायत दी गई और जांच शुरू कर दी गई है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्वयं इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला और साइबर क्राइम सेल को दी है। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और फर्जी अकाउंट की पड़ताल शुरू कर दी गई। साइबर सेल अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह अकाउंट किसने बनाया, इसे कहां से ऑपरेट किया जा रहा है और इसके पीछे क्या मकसद है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फर्जी अकाउंट में उपायुक्त की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई। आशंका है कि इस तरह के अकाउंट का इस्तेमाल लोगों से पैसों की मांग करने या निजी जानकारी हासिल करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि अब तक किसी ठगी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उपायुक्त ने आम जनता, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि यदि उनके नाम से बने किसी भी फेसबुक प्रोफाइल से संदेश आए, खासकर पैसों की मांग या किसी प्रकार की सहायता के नाम पर संपर्क किया जाए, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें। ऐसे किसी भी संदेश का जवाब देने से बचें और तुरंत उस प्रोफाइल को फेसबुक पर रिपोर्ट करें। साथ ही इसकी सूचना पुलिस या साइबर क्राइम सेल को भी दें।
पुलिस का कहना है कि सरकारी अधिकारियों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाना एक गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइबर टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाल के समय में हिमाचल प्रदेश में इस तरह के साइबर अपराधों के मामले बढ़े हैं, जहां जालसाज प्रतिष्ठित अधिकारियों या परिचित लोगों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में पुलिस ने एक बार फिर लोगों से सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

