बिलासपुर जानलेवा हमला: फरारी के लिए बदले आठ वाहन, पुलिस ने दबोचे आरोपी
शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सनी गिल नामक युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों को वारदात के 28 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे और महज 24 घंटे के भीतर आठ अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर उन्हें बंजार क्षेत्र से पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे मंडी-भराड़ी के पास सनी गिल पर दो लोगों ने जानलेवा हमला किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घायल को अस्पताल पहुंचाकर जांच में जुट गई। इस संबंध में पुलिस थाना सदर बिलासपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 352, 351(2) और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई विशेष जांच टीमें गठित कीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए पहले से योजना बनाई थी। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आठ अलग-अलग वाहन बदले, मुख्य सड़कों से बचते हुए केवल लिंक रोड का इस्तेमाल किया और सीसीटीवी कैमरों तथा पुलिस नाकों से दूर रहने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार आरोपी बरठीं और बंजार के जंगलों में छिपे रहे और तकनीकी निगरानी से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन भी बंद रखे।
बिलासपुर पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया तंत्र की मदद से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी और कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की को बंजार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात की साजिश में अन्य लोगों ने भी भूमिका निभाई और आरोपियों को वाहन तथा अन्य तरह की सहायता उपलब्ध कराई।
इस मामले में धीरज धर्माणी, सूर्या चंदेल और अनिल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार धीरज धर्माणी को 8 जुलाई को और अनिल कुमार को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपियों को बिलासपुर लाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आपराधिक साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

