सीएम के मीडिया सलाहकार के बेटे पर हमले के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
शिमला, 23 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर गनपॉइंट पर हमले और लूट की कोशिश के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 48 वर्षीय चरणजीत सिंह निवासी मेन बाजार संजौली और 45 वर्षीय ताशी नेगी निवासी नारकंडा, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनकी मंशा और आपराधिक पृष्ठभूमि की गहन जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 20 मार्च को दर्ज किया गया था, जब शिकायतकर्ता आर्यन चौहान, जो मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे हैं और नव विहार शिमला के निवासी हैं, ने थाना ढली में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि तारापुर सड़क पर तीन संदिग्धों ने उनकी गाड़ी को रोककर फिरौती और लूटपाट करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों ने उन्हें हथियार दिखाकर डराया-धमकाया और घटना को अंजाम देने का प्रयास किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान भौतिक, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने वारदात में जिस सफेद आल्टो कार का इस्तेमाल किया था, उसे मशोबरा क्षेत्र से बरामद कर लिया गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने गाड़ी की पहचान छिपाने के लिए उससे जुड़े लगभग सभी पहचान चिन्ह मिटाने की कोशिश की थी। गाड़ी के चेसिस नंबर और इंजन नंबर तक मिटा दिए गए थे और उस पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी पाई गई। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि वारदात को पहले से योजना बनाकर अंजाम देने की कोशिश की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और रविवार को चरणजीत सिंह और ताशी नेगी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में एक अन्य संदिग्ध की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उससे जुड़े पहलुओं पर भी काम जारी है।
पुलिस के अनुसार फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और अभी तक उनके बारे में ज्यादा विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे केवल लूटपाट की मंशा थी या इसके पीछे कोई और कारण भी हो सकता है। साथ ही आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि पीड़ित युवक मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार का बेटा है और दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम और आरोपियों की मंशा को लेकर और जानकारी सामने लाई जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

