एजीटीएफ ने जोधपुर की कुख्यात 007 गैंग के मुख्य सरगना पर कसा शिकंजा
जयपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) राजस्थान ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए जोधपुर जिले की कुख्यात 007 गैंग के मुख्य सरगना—हार्डकोर अपराधी एवं पुलिस थाना लोहावट के हिस्ट्रीशीटर राजूराम उर्फ राजू पिलवा को दस्तयाब कर लिया है। आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पकड़े जाने के समय यह हार्डकोर अपराधी भक्ति की आड़ लेने की फिराक में था और सांवरिया सेठ मंदिर दर्शन करने की योजना बना रहा था।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ के कांस्टेबल सुनील को मिली सटीक सूचना की पुष्टि के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। एसपी ज्ञानचंद यादव एवं एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के सुपरविजन तथा डीएसपी फूलचंद टेलर और एएसआई राकेश जाखड़ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
आरोपित राजू पीलवा जोधपुर के शताब्दी सर्किल चौराहे पर अपने दोस्तों का इंतज़ार कर रहा था। उसकी योजना अपने साथियों के साथ सांवरिया सेठ मंदिर जाकर दर्शन करने की थी। उसे लग रहा था कि वह पुलिस की नज़रों से बचकर निकल जाएगा। लेकिन एजीटीएफ की पैनी नज़र उस पर पहले से ही जमी हुई थी।
जैसे ही मुखबिर ने एजीटीएफ कांस्टेबल सुनील को सूचना दी कि हम सांवरिया सेठ जा रहे हैं और राजू पीलवा भी हमारे साथ चलने की बात कह रहा है, वह इस वक्त शताब्दी सर्किल पर खड़ा है, वैसे ही एजीटीएफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछा दिया। अपराधी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और टीम ने उसे दबोच लिया।
एडीजी एमएन ने बताया कि राजूराम उर्फ राजू मांजू द्वारा गठित 007 गैंग का वर्तमान में मुख्य सरगना राजू पिलवा ही था। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, फायरिंग, अवैध हथियार एवं मादक पदार्थ तस्करी सहित कुल 48 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। फरारी के दौरान भी वह गैंग के माध्यम से संगठित अपराधों को अंजाम दे रहा था।
इस मामले में फरार इनामी घोषित करने का आधार श्रवण कुमार पुत्र भलूराम विश्नोई निवासी फतेहसागर तहसील लोहावट की रिपोर्ट थी। श्रवण कुमार ने 11 अक्टूबर 2025 को थाना लोहावट में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि आरोपी राजूराम उस पर डोडा तस्करी की मुखबिरी करने का झूठा आरोप लगाकर लगातार धमकियां दे रहा था। 10 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे, जब परिवादी अपनी कैम्पर गाड़ी से पीलवा गांव की ओर जा रहा था, तब फतेहसागर पंचायत के पास आरोपी राजूराम, उसके भाई मदन सहित 15–16 लोगों ने चार वाहनों के साथ रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, गाड़ी को टक्कर मारी, पीछा कर दोबारा गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली परिवादी के घुटने को छूते हुए पेट को चीरती हुई निकल गई। इसके बाद आरोपियों ने गाड़ी में आग लगाकर उसे पूरी तरह जला दिया।
राजूराम पिलवा अवैध मादक पदार्थ एवं हथियार तस्करी में लिप्त एक कुख्यात हार्डकोर गैंगस्टर है। वह थाना देचू पुलिस पर फायरिंग तथा चर्चित हनुमान साईं हत्याकांड का मुख्य आरोपी रहा है। इस हत्याकांड के बाद सामराऊ गांव में जातीय संघर्ष भड़क उठा था, जिसमें भीड़ द्वारा करीब दो दर्जन मकानों को आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव बना रहा।
एजीटीएफ द्वारा राजूराम पिलवा की गिरफ्तारी को 007 गैंग की रीढ़ की हड्डी तोड़ने वाली कार्रवाई माना जा रहा है। यह ऑपरेशन संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति और प्रभावी खुफिया तंत्र का स्पष्ट उदाहरण है।
इस सफल ऑपरेशन में डीएसपी फूलचंद,एएसआई राकेश जाखड़, कांस्टेबल मगनाराम, सुमेर सिंह की सक्रिय भूमिका रही, जबकि कांस्टेबल सुनील की सटीक सूचना तंत्र ने इस हार्डकोर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। आरोपी को आगे की कार्रवाई एवं गहन पूछताछ के लिए पुलिस थाना लोहावट को सुपुर्द कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

