सीएम के मीडिया सलाहकार के बेटे पर हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, प्रॉपर्टी डीलर निकला तीसरा आरोपी
शिमला, 24 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर हमले और अपहरण की कोशिश के मामले में शिमला पुलिस ने तीसरे और मुख्य साजिशकर्ता आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड 46 वर्षीय मनीश वर्मा उर्फ मनु है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम करता है। पुलिस इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अहम सफलता मिली है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मनीश वर्मा उर्फ मनु पुत्र स्वर्गीय हीरा सिंह मूल रूप से शिमला जिला के ठियोग उपमंडल के गांव जघेड़ी का निवासी है और वर्तमान में चकदेहल भट्टाकुफर, शिमला में रह रहा था। जांच में सामने आया है कि इसी आरोपी ने पूरी वारदात की योजना बनाई थी और पीड़ित आर्यन चौहान की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। आरोपी ने उनकी दिनचर्या, आने-जाने के समय और स्थानों की जानकारी जुटाकर अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत चरस तस्करी का मामला दर्ज है। इसके अलावा चौकीदार को बांधकर टिंबर चोरी करने, चोरी के अन्य मामलों, घर में घुसकर चोरी करने और अपहरण व मारपीट जैसे कई मामलों में भी उसके खिलाफ पहले एफआईआर दर्ज रही हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और वारदात के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और लगातार छापेमारी के बाद पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और अब मुख्य साजिशकर्ता को भी पकड़ लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि वारदात के पीछे केवल फिरौती की योजना थी या इसके पीछे कोई और कारण भी जुड़ा हुआ था।
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों 48 वर्षीय चरणजीत सिंह निवासी मैन बाजार संजौली और 45 वर्षीय ताशी नेगी निवासी वीपीओ नारकंडा, तहसील कुमारसैन को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार इन दोनों आरोपियों ने भी वारदात को अंजाम देने में भूमिका निभाई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि आरोपियों ने घटना में इस्तेमाल की गई सफेद आल्टो कार पर लगे पहचान चिन्ह मिटा दिए थे और नंबर प्लेट भी फर्जी लगाई गई थी, जिससे उनकी पहचान छिपाई जा सके।
यह मामला 20 मार्च को उस समय सामने आया था, जब आर्यन चौहान ने थाना ढली में शिकायत दर्ज करवाई थी कि तारापुर सड़क पर उनकी कार को रोककर तीन संदिग्ध लोगों ने हथियार दिखाकर लूटपाट और फिरौती की कोशिश की। घटना दिनदहाड़े हुई थी और पीड़ित युवक मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार का बेटा होने के कारण मामला चर्चा में आ गया था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की साजिश और मकसद से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

