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डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने वाली पूर्व पटवारी पर शिकंजा : एसीबी ने दर्ज किया मामला

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डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने वाली पूर्व पटवारी पर शिकंजा : एसीबी ने दर्ज किया मामला


डूंगरपुर, 07 अगस्त (हि.स.)। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ

कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन महिला पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ डेढ़ लाख रुपये

की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायत के गोपनीय सत्यापन के

दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की

विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेंद्र कुमार जैन ने

बताया कि पीड़ित परिवादी ने 19 फरवरी 2026 को एसीबी चौकी डूंगरपुर में एक लिखित

शिकायत सौंपी थी। शिकायत के अनुसार, परिवादी की विकासनगर पटवार हल्का (पंचायत समिति

झोथरी) के अंतर्गत मोजा डूंगरपुर स्थित खसरा नंबर 962 में 1/6 हिस्सेदारी की जमीन

दर्ज है। इस जमीन के कागजातों में शुद्धिकरण (नाम/रिकॉर्ड दुरुस्ती) कराने के लिए

उसने करीब एक वर्ष पूर्व तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट को संबंधित पत्रावली सौंपी थी।

परिवादी का आरोप है कि काम लटकाकर रखने के दौरान आरोपित पटवारी ने अलग-अलग समय पर

उससे कुल 6 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बावजूद उसका काम पूरा नहीं किया गया।

मामले में नया मोड़ तब आया जब 18 फरवरी 2026 को परिवादी दोबारा

पटवारी से मिला। आरोप है कि पटवारी ने उसे बताया कि पत्रावली अब उपखंड अधिकारी

(एसडीएम) कार्यालय भेज दी गई है और वहां से काम निष्पादित करवाने के नाम पर 1.5

लाख रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की।

शिकायत प्राप्त होने पर एसीबी की टीम ने गोपनीयता से प्राथमिक जांच

करते हुए आरोपित पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने के तथ्य का सत्यापन कराया।

सत्यापन के दौरान डेढ़ लाख रुपये की घूस मांगने के आरोप की शत-प्रतिशत पुष्टि हुई,

जिसके

आधार पर एसीबी चौकी डूंगरपुर में नियमित प्रकरण दर्ज कर लिया गया।

एसीबी एएसपी राजेंद्र कुमार जैन ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के

बाद आरोपित पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई का खाका तैयार किया

गया था। हालांकि, इसी बीच परिवादी के बड़े भाई का आकस्मिक निधन हो जाने के कारण वह

लगभग डेढ़ से दो महीने तक पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहा। इस वजह से मौके

पर ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। वर्तमान में एसीबी की टीम प्रकरण में पत्रावली

की भूमिका और अन्य संभावित संलिप्तताओं को लेकर गहराई से अग्रिम अनुसंधान कर रही

है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष