न्यायालय के आदेश पर भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मऊ, 13 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी अजीत सिंह की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर न्यायालय के आदेश के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय ने 12 अगस्त 2026 को थानाध्यक्ष हलधरपुर को अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। मामला मारपीट, गाली-गलौज, कपड़े फाड़ने और जान से मरवाने की धमकी के आरोपों से जुड़ा है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, अजीत सिंह और रामाश्रय मौर्य के बीच प्रधानी चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश चल रही है। अजीत सिंह का कहना है कि वह और उनके परिवार के लोग मसाला कुटीर उद्योग चलाते हैं। आरोप है कि रामाश्रय मौर्य लगातार उनके उद्योग के खिलाफ शिकायत कर जांच कराते रहे हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक जांच में उनके उद्योग में कोई कमी नहीं पाई गई।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 7 जुलाई 2026 की सुबह करीब सात बजे रामाश्रय मौर्य तीन अन्य लोगों के साथ बाजार जाते समय अजीत सिंह के घर के सामने रुके। उद्योग के खिलाफ शिकायत किए जाने को लेकर अजीत सिंह द्वारा सवाल करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि रामाश्रय मौर्य ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें मारने के लिए दौड़ा लिया। अजीत सिंह के घर के अंदर चले जाने के बाद आरोपित कथित तौर पर घर में घुस गए और उनके साथ मुक्का-थप्पड़ से मारपीट की तथा उनकी शर्ट फाड़ दी।
शिकायत के मुताबिक, घटना के दौरान खुश्बू सिंह पत्नी अजय सिंह, इन्द्र कुमार सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह तथा अर्जुन सिंह पुत्र दुर्गविजय सिंह मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। आरोप है कि जाते समय रामाश्रय मौर्य ने अजीत सिंह और उनके परिवार को जान से मरवाने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
अजीत सिंह का आरोप है कि घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट, मऊ के न्यायालय में धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
प्रार्थना पत्र में अजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि रामाश्रय मौर्य ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा संख्या 142/2026 दर्ज कराया है। इसमें धारा 352, 351(3) बीएनएस तथा धारा 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। अजीत सिंह ने इस मुकदमे में खुद को निर्दोष बताया है।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, मऊ की ओर से 12 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया गया। आदेश में थानाध्यक्ष हलधरपुर को अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुकदमे में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और विवेचना के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / वेद नारायण मिश्र

