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अन्तरराज्यीय स्तर पर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के सात लोग गिरफ्तार

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अन्तरराज्यीय स्तर पर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के सात लोग गिरफ्तार


लखनऊ, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज पुलिस ने अन्तरराज्यीय स्तर पर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से धार्मिक पुस्तके समेत अन्य चीजें बरामद हुई है। आराेपिताें में पति-पत्नी भी शामिल है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुस्ताक ने शुक्रवार को बताया कि मोहनलालगंज के ग्राम भरसवा निवासी अमित कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी। उसने बताया कि गांव के रहने वाले चंद्रभान और उसकी पत्नी आरती, सीमा, डेनियल और उसकी पत्नी सुबला, अजय रावत और उसकी पत्नी शीला उस पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रहे है। उन लोगों द्वारा उसे धमकाया भी जा रहा हैं इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात को सभी को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में पता चला है कि वह लोग लोगों को आर्थिक सहायता, बीमार के इलाज और गरीब बेटियों की शादी आदि चीजों का प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराते है। अमित कुमार को भी इलाज के बहाने ले जाया गया फिर उसे धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया गया।

मुख्य आरोपित डेनियल ने पूछताछ में बताया कि मेरा बचपन का नाम बाला सुब्रमण्यम था। 16 वर्ष की आयु में मेरी मुलाकात सुबला से हुई, जो कन्याकुमारी की थी और ईसाई धर्म को मानने वाली थी। सुबला से शादी करने के लिए मैने सुबला के कहने पर हिन्दु धर्म त्यागकर ईसाई धर्म अपनाकर शादी कर लिया। जिसके बाद तमिलनाडु कन्याकुमारी एफजीपीसी चर्च के आदेश पर धर्म के प्रचार प्रसार के लिए हम लोग 1998 में लखनऊ आये व मुझे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया। एफजीपीसी चर्च की ओर से सभी को साल का टारगेट दिया जाता हैं कि लोगों को बीमारी का इलाज कराने, विभिन्न प्रकार के प्रलोभन, डराकर व आर्थिक मदद करने आदि का लालच देकर ईसाई धर्म में कन्वर्ट कराना हैं एवं अधिक से अधिक लोगो को भी जुडवाने का भी काम करना है ऐसा करने पर हमें आर्थिक मदद मिलती है।

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि धर्मांतरण गिरोह में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार किया हैं। अब उनके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक