साध्वी प्रेम बाईसा मामले में कंपाउंडर गिरफ्तार, जमानत पर छोड़ा
जोधपुर, 22 फरवरी (हि.स.)। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के मौत के मामले में इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को गुपचुप मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया। देवी सिंह पर उतावलेपन व लापरवाही के आरोप में केस दर्ज था। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद गुरुवार को ही गुपचुप तरीके से उसे गिरफ्तार कर थाने में जमानती मुचलके भरवाकर छोड़ दिया। अब इसकी जानकारी रविवार को सामने आई।
डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि देवी सिंह के खिलाफ जमानती धारा का केस था। कानूनी प्रक्रिया के तहत देवी सिंह को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के करीब बीस दिन बाद 16 फरवरी को बोरनाडा पुलिस स्टेशन में साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कंपाउंडर पर चिकित्सा नियमों में लापरवाही का आरोप है। अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो आरोपी देवी सिंह को दो साल की सजा हो सकती है।
बोरानाडा इलाके में आरती नगर स्थित आश्रम में 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ी थी। तब उन्हें जुकाम होने और सांस लेने में परेशानी होना बताया गया था। तब इलाज के लिए कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया था। कंपाउंडर देवीसिंह ने दो इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक और ज्यादा बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें लेकर पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। साध्वी के पिता वीरमनाथ हॉस्पिटल से शव को आरती नगर स्थित आश्रम ले आए थे। पुलिस की दखल के बाद देर रात को शव एमजीएच मॉर्च्युरी में रखवाया था। इसके अगले दिन 29 जनवरी को देर शाम एमजीएच हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया था। पुलिस ने एफएसएल जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए कंपाउंडर की लापरवाही बताई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इलाज के दौरान कंपाउंडर देवी सिंह की ओर से नियमों की अनदेखी की गई। इस स्थिति में लापरवाही सामने आई।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

