बांदा में 60 लाख की कोडीन सिरप तस्करी का भंडाफोड़, एसटीएफ ने चार तस्करों को दबोचा
बांदा, 03 सितंबर (हि.स.)। प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स(एसटीएफ) और बिसंडा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कोडीन सिरप की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का गुरुवार को भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने करीब 60 लाख से अधिक कीमत की 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद करते हुए चार शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बरामद सिरप की कुल मात्रा लगभग तीन हजार लीटर बताई गई है। तस्करी और वाहनों की एस्कॉर्टिंग में इस्तेमाल किए जा रहे एक डीसीएम और एक कार को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि यूपी एसटीएफ को जनपद बांदा क्षेत्र में कोडीन सिरप के अवैध परिवहन की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर गुरुवार 03 सितंबर को एसटीएफ ने बिसंडा पुलिस से संपर्क कर संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस टीम ने एक डीसीएम वाहन को ट्रेस करते हुए बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उत्तरी गोल चौराहे के पास रोक लिया। तलाशी के दौरान डीसीएम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित एवं नशीली दवा बरामद हुई। वाहन में रखी 250 पेटियों से 100 एमएल की कुल 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, बरामद कोडीन सिरप की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख 45 हजार रुपये है। डीसीएम को एस्कॉर्ट कर रही एक कार को भी मौके से पकड़ लिया गया। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
सीओ ने बताया कि संयुक्त पुलिस टीम ने मौके से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डीसीएम चालक भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपितों में तीन बांदा जिले के धीरेंद्र पुत्र भगवत प्रसाद निवासी ग्राम नहर पुरवा, प्रवीण उर्फ लकी निवासी लखन कॉलोनी अतर्रा, रोहित पुत्र कालूराम, निवासी रामलीला मैदान अतर्रा और शेखर पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम भैना, थाना बहादुरगढ़, जनपद हापुड़ शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने पुलिस को बताया कि गिरोह का एक अन्य साथी प्रियांशू उर्फ किशन नई दिल्ली से कोडीन सिरप उपलब्ध कराने में शामिल था। आरोपितों द्वारा सिरप को दिल्ली से लाने के बाद कथित तौर पर कूट रचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और सिरप के रैपर बदलकर उसे मेडिकल उपयोग के बजाय नशे के कारोबार के लिए महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक यह अवैध सप्लाई बुंदेलखंड के अतर्रा, बांदा, चित्रकूट तथा मध्य प्रदेश के समीपवर्ती जिलों में की जा रही थी। आरोपितों ने यह भी बताया कि डीसीएम चालक को माल सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अलग से 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाता था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े सप्लायरों, रिसीवरों और अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। गिरोह के फरार सदस्य प्रियांशू उर्फ किशन पुत्र मुन्नालाल, निवासी अतर्रा, थाना अतर्रा, जनपद बांदा की तलाश की जा रही है।
बरामद कोडीन सिरप को कब्जे में लेकर गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ बिसंडा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक भी जल्द पहुंचने की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

