सागर के सीएनजी प्लांट में गैस रिसाव, बड़ा हादसा टला; सुरक्षा मानकों और संचालन पर उठे सवाल
सागर, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर के औद्योगिक क्षेत्र चनाटोरिया स्थित मेघा गैस सीएनजी प्लांट में गुरूवार को गैस रिसाव की घटना से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्लांट की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर रिसाव पर नियंत्रण पा लिया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्लांट को केवल सीएनजी के भंडारण और प्रोसेसिंग की अनुमति प्राप्त है, जबकि परिसर से सीधे वाहनों में सीएनजी की खुदरा बिक्री भी की जा रही थी। यह भी दावा किया जा रहा है कि ऐसी खुदरा बिक्री के लिए आवश्यक रिटेल लाइसेंस उपलब्ध नहीं है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारों का कहना है कि बड़ी मात्रा में ज्वलनशील गैस के भंडारण वाले परिसर में आम लोगों और वाहनों की आवाजाही सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में गैस रिसाव जैसी घटना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। जांच में गैस रिसाव के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और प्लांट के संचालन संबंधी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

