छुट्टी मंजूर कराने के बदले मांगी रिश्वत, वन विभाग का बाबू 3 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मंदसौर, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में वन विभाग में अवकाश स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को वन विभाग की स्थापना शाखा में पदस्थ बाबू कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई वनरक्षक ललित मीणा की शिकायत पर की गई।
जानकारी के अनुसार, गांधी सागर परिक्षेत्र में पदस्थ वनरक्षक ललित मीणा ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से 43 दिनों के अर्जित अवकाश के लिए 27 मई को आईएफएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। अवकाश आवेदन स्थापना शाखा में पदस्थ बाबू कृष्ण प्रताप सिंह राठौर के पास लंबित था।
आरोप है कि आवेदन को आगे बढ़ाने और अवकाश स्वीकृत कराने के एवज में राठौर ने 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर ललित मीणा ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। मंगलवार को वन विभाग कार्यालय में ही शिकायतकर्ता ने आरोपित को तय राशि सौंपी, जिसके बाद पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। लोकायुक्त उज्जैन के डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त को दें। संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

