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स्टॉक रजिस्टर सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली करने वाला कृषि विभाग का बाबू गिरफ्तार

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स्टॉक रजिस्टर सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली करने वाला कृषि विभाग का बाबू गिरफ्तार


बलरामपुर, 20 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में उर्वरक विक्रेताओं से स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर के सत्यापन के नाम पर अवैध धन उगाही करने के आरोप में कृषि विभाग के एक वरिष्ठ सहायक को कोतवाली देहात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

कृषि विभाग के बाबू पर पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ प्राप्त करने तथा कार्यालयीय अभिलेखों के गबन का आरोप है। कृषि अधिकारी की शिकायत के उपरांत पुलिस ने शनिवार को उक्त कार्रवाई की है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर ज्योति श्री ने बताया कि 19 जून को जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार द्वारा थाना कोतवाली देहात में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि कृषि विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक राघवेन्द्र पटेल उर्वरक प्रतिष्ठानों को वितरित किए जाने वाले स्टॉक एवं वितरण रजिस्टरों के सत्यापन और प्रमाणन के नाम पर व्यापारियों से अवैध वसूली करते हैं।

डिप्टी डायरेक्टर कृषि श्याम नारायण राम ने दी गई सूचना के आधार पर राघवेन्द्र पटेल से संबंधित अभिलेख और स्टॉक एवं वितरण रजिस्टरों का विवरण मांगा गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके। संबंधित अभिलेख भी कार्यालय में नहीं मिले। इससे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि आरोपित बाबू ने अपने पद और कर्तव्यों का दुरुपयोग करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया तथा अपने कृत्य को छिपाने के लिए अभिलेखों का गबन किया।

बताया कि तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात में भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने अभिलेखीय और मौखिक साक्ष्यों, स्टॉक रजिस्टरों तथा अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया, जिसमें आरोपित की संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर शनिवार को उसे विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में राघवेन्द्र पटेल ने स्वीकार किया कि वह उर्वरक विक्रेताओं और लाइसेंसधारकों के स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टरों के सत्यापन का कार्य करता था। कार्य शीघ्र कराने के नाम पर वह संबंधित लोगों से धनराशि लेता था। उसने बताया कि कोई विक्रेता 2,000 रुपये तो कोई 5,000 रुपये तक दे देता था। आरोपित ने यह भी स्वीकार किया कि अपनी नियुक्ति अवधि में उसने लगभग 65 उर्वरक विक्रेताओं को स्टॉक बिक्री रजिस्टर वितरित किए थे, जिसका विवरण कार्यालयीय स्टॉक रजिस्टर में दर्ज है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन