मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे ग्राम प्रधान को पुलिस ने उठाया
सपा नेता ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
बांदा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नरैनी के नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की हत्या के मामले में आरोपित सपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे महेंद्र पाल वर्मा ने बुधवार को एक और वीडियो जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महेंद्र पाल का दावा है कि उनका ग्राम प्रधान बेटा देवेंद्र पाल वर्मा दोहरे हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ गया था। विक्रमादित्य मार्ग पर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लाइन में खड़े देवेंद्र को नरैनी पुलिस ने लखनऊ पुलिस के सहयोग से पकड़ लिया और गाड़ी में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई।
महेंद्र पाल वर्मा ने मुख्यमंत्री को संबोधित वीडियो में कहा कि वह पिछले पांच-छह दिनों से नंदवारा में दो मासूम भाइयों की हत्या की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन से मांग किए जाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उनका बेटा देवेंद्र मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ पहुंचा था। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही पुलिस ने उसे उठा लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि उनके बेटे को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
बताते चलें कि 30 सितंबर को नरैनी थाना क्षेत्र के नंदवारा गांव में भैया राम राजपूत के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय युवराज घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए थे। बाद में दोनों के शव घर से करीब 100 मीटर दूर पानी से भरे गड्ढे से बरामद हुए थे। शुरुआती तौर पर पुलिस बच्चों की मौत पानी में डूबने से मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर पर चोट के निशान सामने आने के बाद मामला हत्या की ओर मुड़ गया।
इसके बाद भैया राम की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने एक ही परिवार के तीन लोगों समेत पांच आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और सपा नेता महेंद्र पाल वर्मा को भी आरोपित बनाया गया है। महेंद्र पाल के आरोपित बनाए जाने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
महेंद्र पाल वर्मा पिछले कई दिनों से भूमिगत बताए जा रहे हैं और अब तक कई वीडियो जारी कर पुलिस तथा प्रशासन पर आरोप लगा चुके हैं। इसी दौरान उनकी करीब 80 वर्षीय मां कुसुमा देवी की बीमारी के दौरान मौत हो गई। महेंद्र पाल और उनके नाती देवेंद्र ने आरोप लगाया कि उनकी मां की तबीयत कुछ लोगों द्वारा घर पहुंचकर धमकाए जाने के बाद बिगड़ी थी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को तहरीर भी दी है।
कुसुमा देवी के शव के पोस्टमार्टम को लेकर भी विवाद बना हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम बांदा में कराना चाहती है, जबकि महेंद्र पाल वर्मा लखनऊ में पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हैं। इसी वजह से पिछले चार दिनों से शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है और पुलिस के प्रयासों के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
वहीं, देवेंद्र पाल को लखनऊ से उठाए जाने के महेंद्र पाल वर्मा के आरोपों को नरैनी कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।
फिलहाल एक ओर दो मासूम भाइयों की हत्या की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर आरोपित पक्ष लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित वीडियो में भी महेंद्र पाल वर्मा ने दोहरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

