चीलघाट नदी में 40 फीट नीचे समाया 18 चक्का ट्राला, 24 घंटे बाद मिले चालक-क्लीनर के शव
दमोह, 30 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में चीलघाट नदी पर हुए भीषण सड़क हादसे में 24 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चालक और क्लीनर के शव बरामद कर लिए गए। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात रेलिंग तोड़कर नदी में गिरा 18 चक्का ट्राला करीब 40 फीट नीचे जा समाया था। हादसे के बाद ट्राले का केबिन पानी में पूरी तरह दब गया था।
पानी और पिचके केबिन के कारण मुश्किल हुआ रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही कुम्हारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने बचाव अभियान शुरू किया। नदी में पानी अधिक होने और ट्राले का केबिन बुरी तरह पिचक जाने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लगातार करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 2 से 4 बजे के बीच दोनों शवों को क्षतिग्रस्त केबिन से बाहर निकाला जा सका।
विदिशा जिले के रहने वाले थे मृतक
कुम्हारी थाना प्रभारी बृजेश पांडे के अनुसार मृतकों की पहचान 23 वर्षीय चालक अभिषेक पुत्र सुरेश और 38 वर्षीय क्लीनर तुलसी भाई पुत्र गणेश के रूप में हुई है। दोनों विदिशा जिले के त्योंदा थाना क्षेत्र के सुन्नंता गांव के निवासी थे।
35 से 40 टन सीमेंट लेकर इंदौर जा रहा था ट्राला
पुलिस के मुताबिक 18 चक्का ट्राला सतना से करीब 35 से 40 टन सीमेंट लेकर इंदौर जा रहा था। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि रात के समय चालक को नींद का झपका आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। इसके बाद ट्राला पुल की रेलिंग तोड़ता हुआ करीब 40 फीट नीचे चीलघाट नदी में जा गिरा। हालांकि पुलिस का कहना है कि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
खराब सड़क और गड्ढे भी जांच के दायरे में
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी कई स्थानों पर खराब बताई जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों को भी हादसे की संभावित वजह के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर दुर्घटना की जांच कर रही है।
ट्राला निकालने के लिए जबलपुर से बुलाई गई बड़ी क्रेन
रेस्क्यू टीम ने दोनों शवों को नदी से बाहर निकाल लिया है, लेकिन भारी भरकम ट्राला अभी भी करीब 40 फीट नीचे नदी में मौजूद है। इसे बाहर निकालने के लिए जबलपुर से बड़ी क्रेन मंगाई गई है। ट्राले को नदी से बाहर निकालने का प्रयास जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

