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बलरामपुर : झाड़-फूंक और जमीन विवाद में खून की साजिश, बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या, भतीजा ही निकला आरोपित

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बलरामपुर : झाड़-फूंक और जमीन विवाद में खून की साजिश, बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या, भतीजा ही निकला आरोपित


बलरामपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में थाना रामचंद्रपुर क्षेत्र में एक अंधविश्वास, जमीन विवाद और आपसी रंजिश ने रिश्तों को इस कदर शर्मसार कर दिया कि एक भतीजे ने अपने ही चाचा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के ही भतीजे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपित देवकुमार यादव को गिरफ्तार कर 20 जनवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक झाड़-फूंक के काम में प्रतिस्पर्धा और जमीन विवाद इस हत्या की बड़ी वजह बनी।

पुलिस से मंगलवार को प्राप्त के अनुसार, थाना रामचंद्रपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में अपराध क्रमांक 02/2026, धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में आरोपित देवकुमार यादव, पिता स्व. परसन यादव, उम्र 38 वर्ष, निवासी कालिकापुर, थाना रामचंद्रपुर को गिरफ्तार किया गया है।

मामले की शुरुआत 15 जनवरी 2026 को हुई, जब कालिकापुर निवासी अनिल यादव, पिता गणेश यादव (22 वर्ष) ने थाना रामचंद्रपुर में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि उसके दादा देवशरण यादव उर्फ लुख्खर यादव प्रतिदिन की तरह गाय-भैंस चराने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा खोजबीन के दौरान कुरसा नाला के ऊपर टांड में उनका शव संदिग्ध अवस्था में मिला, जिसकी गर्दन कटी हुई थी।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना रामचंद्रपुर में मर्ग क्रमांक 03/2026, धारा 194 बीएनएसएस तथा अपराध क्रमांक 02/2026, धारा 103 बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओपी रामानुजगंज के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।

विवेचना के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदेह मृतक के भतीजे देवकुमार यादव पर गया। पूछताछ में आरोपित ने अपराध स्वीकार करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि पिछले दो वर्षों से मृतक लुखुर यादव से उसका जमीन विवाद चल रहा था। साथ ही दोनों झाड़-फूंक का काम करते थे, लेकिन मृतक गांव में बिना पैसे लिए झाड़-फूंक करता था, जिस पर ग्रामीण अधिक विश्वास करते थे। इससे आरोपित का काम ठप हो गया था और उसे सामाजिक अपमान का भी सामना करना पड़ रहा था।

आरोपित ने बताया कि वह इस बात से गहरी रंजिश रखता था और कई बार मृतक को जान से मारने की धमकी दे चुका था। उसे यह भी लगता था कि यदि लुखुर यादव रास्ते से हट जाएगा तो उसका झाड़-फूंक का काम फिर से चल पड़ेगा और जमीन विवाद भी अपने पक्ष में सुलझा लेगा।

घटना के दिन 15 जनवरी 2026 को गांव में मानदेव के छोटे बच्चे का दाह संस्कार था। आरोपित को पता था कि मानदेव बाहर काम करता है और उसी दिन गांव आने वाला है। उसने सोचा कि हत्या करने पर शक मानदेव पर जाएगा, क्योंकि मानदेव और मृतक के बीच झाड़-फूंक को लेकर पुराना विवाद था। इसी साजिश के तहत आरोपित ने मृतक को बहला-फुसलाकर कुरसा नाला की ओर ले गया।

आरोपित ने मृतक को मोबाइल गुम होने का बहाना बनाकर चावल दिया और बातचीत में उलझाए रखा। इसी दौरान मृतक की कुल्हाड़ी उठाकर पीछे से सिर पर वार किया। गिरने के बाद कुल्हाड़ी के धारदार हिस्से से गले पर कई वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय