सुकमा : नशे के नेटवर्क पर सुकमा पुलिस का बड़ा प्रहार, 223 किलो गांजा जब्त
- अंतर्राज्यीय तस्करी का भंडाफोड़
सुकमा, 28 जुलाई (हि.स.)। नशे के कारोबार के खिलाफ छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क को करारा झटका दिया है। कोन्टा पुलिस ने मंगलवार तड़के नाकाबंदी कर फर्जी नंबर प्लेट लगी क्रेटा कार से 223.020 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 11 लाख 50 हजार रुपये है।
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी दुर्गा शंकर खारोल (19 वर्ष ), मनीष खारोल (21 वर्ष) और रामदेव खारोल (23वर्ष ) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामग्री भी बरामद हुई।
प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया कि तस्कर ओडिशा के मलकानगिरी से गांजे की बड़ी खेप लेकर राजस्थान के भीलवाड़ा की ओर जा रहे थे। पुलिस ने संदिग्ध क्रेटा कार को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी के दौरान कार से 110 पैकेटों में भरा 223.020 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस की कार्रवाई में फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर तस्करी को अंजाम देने का भी खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
एसपी मयंक गुर्जर ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सुकमा पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गांजे की सप्लाई लाइन, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के पूरे रूट की जानकारी जुटाने में लगी है।
एसपी मयंक गुर्जर ने बताया कि तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए क्रेटा पर OD-02-AX-7858 की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। लेकिन इंजन और चेचिस नंबर के सत्यापन ने पूरा खेल खोल दिया। वाहन का वास्तविक पंजीयन क्रमांक RJ-02-CF- 1159 निकला। यानी तस्कर नशे की खेप के साथ पहचान छिपाने का भी पूरा इंतजाम करके निकले थे।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित मलकानगिरी से गांजा खरीदकर राजस्थान में ऊंचे दाम पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं, गांजा कहां से खरीदा गया और राजस्थान में इसकी सप्लाई किसे होनी थी।
पुलिस के अनुसार गांजे, क्रेटा कार, मोबाइल फोन, नकदी व अन्य सामग्री समेत कुल 1,27,26,600 रूपये की संपत्ति जब्त की गई है। कोन्टा थाने में एनडीपीएस एक्ट की अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है। अब जांच का फोकस गांजे के स्रोत, खरीदार, सप्लायर और अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों पर है। पुलिस का दावा है कि मामले में संलिप्त अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए विवेचना जारी है। वहीं एसपी मयंक गुर्जर के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में कोन्टा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवानंद तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहन ठाकुर

