home page

ऑपरेशन विश्वास: 15 दिन में 168 खोए मोबाइल बरामद, बिहार-उप्र समेत कई राज्यों से तलाशकर 88 फोन मालिकों को लौटाए

 | 
ऑपरेशन विश्वास: 15 दिन में 168 खोए मोबाइल बरामद, बिहार-उप्र समेत कई राज्यों से तलाशकर 88 फोन मालिकों को लौटाए


नई दिल्ली, 19 जून (हि.स.)। मध्य जिला पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग और अंतरराज्यीय समन्वय का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत महज 15 दिनों में 168 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन में से 88 हैंडसेट को अनब्लॉक कर स्वामित्व सत्यापन के बाद उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया।

पुलिस का कहना है कि इस विशेष अभियान ने न केवल लोगों को उनके महंगे मोबाइल वापस दिलाए, बल्कि उनमें मौजूद महत्वपूर्ण निजी और पेशेवर डेटा को भी सुरक्षित लौटाने में अहम भूमिका निभाई है।

पुलिस की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार यह अभियान वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलाया गया। इसका उद्देश्य खोए हुए मोबाइल फोन को तकनीकी सहायता और समन्वित पुलिसिंग के जरिए ट्रेस कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना था। ऑपरेशन विश्वास के तहत केंद्रीय जिले की स्पेशल स्टाफ टीम और सभी थानों के नामित नोडल अधिकारियों ने संयुक्त रूप से काम किया। टीमों ने खोए हुए मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों का विश्लेषण किया और प्रत्येक मामले में लगातार फॉलोअप किया।

मोबाइल फोन की बरामदगी में तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और विश्लेषणात्मक उपकरणों की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन, उनकी गतिविधियों और वर्तमान उपयोगकर्ताओं की पहचान की। जांच के दौरान हर सुराग की बारीकी से पड़ताल की गई।

पुलिस के अनुसार कई मोबाइल फोन एक से अधिक लोगों के हाथों में पहुंच चुके थे और दिल्ली से बाहर विभिन्न राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। इसके बावजूद पुलिस टीमों ने लगातार तकनीकी निगरानी और स्थानीय पुलिस इकाइयों के सहयोग से मोबाइल फोन का पता लगाया।

जांच में सामने आया कि खोए हुए मोबाइल फोन बिहार, उप्र और देश के अन्य हिस्सों में पहुंच चुके थे। ऐसे में केंद्रीय जिला पुलिस ने संबंधित राज्यों की स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बरामदगी अभियान चलाया। अंतरराज्यीय सहयोग और लगातार फील्ड वर्क के चलते 168 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली।

पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन का स्वामित्व सत्यापित किया गया। आवश्यक दस्तावेजों और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद 88 मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक अनब्लॉक किया गया और उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि कई मोबाइल फोन सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल पर ब्लॉक किए गए थे, जिन्हें बरामदगी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा सक्रिय किया गया।

पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन में केवल महंगे उपकरण ही नहीं, बल्कि लोगों का महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और पेशेवर डेटा भी सुरक्षित था। इनमें बैंकिंग एप्लीकेशन, वित्तीय जानकारी, व्यावसायिक दस्तावेज, व्यक्तिगत तस्वीरें, संपर्क सूची और परिवार से जुड़ी अनमोल यादें शामिल थीं। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीमों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि फोन के साथ उनका महत्वपूर्ण डेटा भी सुरक्षित लौट आया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी