ऑटो में छूटा सोने के जेवर और नकदी से भरा पर्स, सागर पुलिस ने तीन घंटे में खोजकर लौटाया
सागर, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिला पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। पुलिस कंट्रोल रूम की टीम ने महज तीन घंटे के भीतर एक महिला का ऑटो में छूटा हुआ पर्स खोज निकाला, जिसमें करीब एक लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर और नकदी रखी हुई थी।
पुलिस के अनुसार, रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी 31 मई की रात अपने परिवार के साथ सागर बस स्टैंड जाने के लिए परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक ऑटो में सवार हुई थीं। इस दौरान उन्होंने अपना पर्स ऑटो की सीट पर रख दिया था। पर्स में करीब 54 हजार रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी, 46 हजार रुपये के सोने के झुमके तथा चार हजार रुपये नकद रखे हुए थे।
बताया गया कि बच्चों को वाहन में बैठाने के बाद परिवार ने पैदल बस स्टैंड जाने का निर्णय लिया। जल्दबाजी में महिला अपना पर्स ऑटो में ही भूल गईं और ऑटो चालक वहां से निकल गया। कुछ देर बाद पर्स गायब होने का पता चलने पर महिला ने पुलिस से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी टीम तुरंत सक्रिय हो गई। कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश ने शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। कई घंटों की पड़ताल के बाद टीम ने संबंधित ऑटो को विभिन्न स्थानों पर ट्रैक कर लिया, लेकिन कैमरों में वाहन का पूरा पंजीयन नंबर स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था।
इसके बाद पुलिस ने स्मार्ट सिटी कैमरों, सोशल मीडिया नेटवर्क और विभिन्न पुलिस समूहों की मदद से ऑटो की तस्वीर और उपलब्ध जानकारी साझा की। पुलिस की यह पहल सफल रही और सूचना संबंधित ऑटो चालक तक पहुंच गई।
रविवार रात्रि करीब 12 बजे ऑटो चालक स्वयं पर्स लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में पर्स की जांच की गई, जिसमें सोने के जेवर और नकदी पूरी तरह सुरक्षित मिले। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पर्स महिला को सौंप दिया गया।
अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस, कंट्रोल रूम स्टाफ और सीसीटीवी टीम का आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में किया गया।
यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

