नीट पेपर लीक मामला: चार आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हुई सीबीआई
जयपुर, 13 मई (हि.स.)। नीट—यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को हिरासत में लिए गए चार आरोपितों को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित न्यायिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के निवास पर पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपितों का एक दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया। इसके बाद सीबीआई टीम कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपितों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
पेशी के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आरोपितों ने मीडिया और कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे ढक रखे थे। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले के अंतरराज्यीय नेटवर्क, संभावित मास्टरमाइंड और पेपर लीक सिंडिकेट की पूरी साजिश का खुलासा करने में जुटी हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और आर्थिक लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं। कोचिंग संस्थानों के संभावित कनेक्शन सहित कई अहम पहलुओं पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इससे पहले बुधवार को एसओजी मुख्यालय में संदिग्ध आरोपितों से करीब 9 से 10 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने वाले लोगों, संपर्क सूत्रों और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि आखिर प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ, इसकी सप्लाई चेन किसने तैयार की और किन-किन राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

