रसोई गैस की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, एजेंसी व रेस्टोरेंट संचालकों पर मुकदमा दर्ज
बांदा, 17 मार्च (हि.स.) उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिले की सभी तहसीलों में जांच के लिए गठित टीमों ने 15 मार्च को नगर पालिका परिषद बांदा क्षेत्र के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और गैस एजेंसियों पर छापेमारी की और मंगलवार को अनियमिताएं पाये जाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
उप जिलाधिकारी नमन मेहता के नेतृत्व में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नायब तहसीलदार और पूर्ति निरीक्षकों की टीम ने साई दरबार रेस्टोरेंट, सारंग होटल, सिग्नेचर रेस्टोरेंट, संकल्प इंडेन गैस एजेंसी और अराधना इंडेन गैस एजेंसी सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान साई दरबार रेस्टोरेंट और अराधना इंडेन गैस एजेंसी में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
साई दरबार रेस्टोरेंट में कुल 12 गैस सिलेंडर पाए गए, जिनमें 09 घरेलू और 03 कमर्शियल थे। जांच में खुलासा हुआ कि रेस्टोरेंट संचालक घरेलू उपभोक्ताओं से सिलेंडर लेकर उनका व्यावसायिक उपयोग कर रहा था। मौके से तीन घरेलू गैस कनेक्शनों की पासबुक भी जब्त की गई। बिना वैध अनुमति बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर-2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन पाया गया।
वहीं अराधना इंडेन गैस एजेंसी की जांच में बड़ा घोटाला सामने आया। एजेंसी द्धारा 14.2 किलोग्राम के 600 घरेलू और 19.5 किलोग्राम के 115 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी किए जाने की पुष्टि हुई। उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि बिना डिलीवरी के ही उनके मोबाइल पर सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के मैसेज भेजे जा रहे थे, जिसकी जांच में सत्यता पाई गई।
प्रशासन ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस कार्रवाई में कुल 715 गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी उजागर हुई है।
इस संबंध में एसडीएम सदर नमन मेहता ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को राहत देने और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

