मानक के विपरीत तेज आवाज में डीजे बजाने पर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
गोरखपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारों एवं अन्य आयोजनों के दौरान निर्धारित मानकों के विपरीत तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने निर्धारित ध्वनि मानकों की अनदेखी कर अत्यधिक तेज आवाज और बेस के साथ डीजे संचालित करने के आरोप में एक डीजे संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई से डीजे संचालकों में हड़कंप मचा है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में डीजे संचालन की निगरानी की जा रही है। इसी दौरान माया बाजार निवासी डीजे संचालक पीयूष गुप्ता द्वारा निर्धारित मानकों के विपरीत अत्यधिक साउंड और बेस के साथ तेज ध्वनि में डीजे संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस का आरोप है कि डीजे संचालन के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा मानवाधिकार आयोग की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी गाइडलाइन और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। निर्धारित सीमा से अधिक तेज ध्वनि में डीजे बजाए जाने से आसपास के लोगों को परेशानी होने तथा ध्वनि प्रदूषण बढ़ने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
कोतवाली पुलिस ने मामले में डीजे संचालक पीयूष गुप्ता निवासी माया बाजार, थाना कोतवाली, जनपद गोरखपुर के खिलाफ मु0अ0सं0 203/2026 के तहत धारा 125, 292, 280 बीएनएस एवं धारा 15 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 में अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के तेज ध्वनि वाले डीजे संचालन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने डीजे संचालकों से निर्धारित ध्वनि सीमा एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

