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विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला, परिजनों ने की हत्या का मामला दर्ज कर जांच की मांग

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विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला, परिजनों ने की हत्या का मामला दर्ज कर जांच की मांग


चित्तौड़गढ़, 10 जुलाई (हि.स.)। जिले के निम्बाहेड़ा सदर थाना क्षेत्र के मांगरोल गांव की विवाहिता रतनी बाई प्रजापत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले को लेकर मंगलवार को बनस्टी के समस्त ग्रामीणों एवं परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र में आने वाले बनस्टी गांव के अलावा प्रजापत समाज के लोग भी शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस थाना सदर निम्बाहेड़ा ने मामले में केवल मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही है, जबकि मृतका के परिजनों ने हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है, ऐसे में मर्ग के बजाय हत्या का प्रकरण दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में पूर्व सरपंच एवं प्रशासक गणेश साहू ने बताया कि गांव की बेटी रतनी बाई प्रजापत (30) पुत्री बालूदास प्रजापत, की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि मृतका के पिता एवं परिवारजनों ने पति नानालाल प्रजापत, उसकी विधवा बहन मांगीबाई तथा अन्य परिजनों पर षड्यंत्रपूर्वक हत्या करने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ सकेगी। प्रजापत समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष भोलाराम प्रजापत ने बताया कि इस संबंध में पुलिस को हत्या का मामला दर्ज करने के लिए रिपोर्ट दी थी। लेकिन इसके बावजूद केवल मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि घटनास्थल के फोटो और परिस्थितियां प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका को बल देती हैं। परिजनों के अनुसार, मृतका तीन दिन पहले ही अपने ससुराल गई थी और आरोप है कि उसके पति ने पहले ही कह दिया था कि तीन दिन में इसकी लाश मिलेगी। ग्रामीणों ने मांग की कि मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच किसी निष्पक्ष, अनुभवी एवं वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी को सौंपी जाए। साथ ही घटनास्थल के साक्ष्यों की वैज्ञानिक एवं वैधानिक फोरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि किसी भी तथ्य की अनदेखी न हो। ज्ञापन में यह भी बताया कि मृतका के परिजनों एवं संभावित गवाहों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल