फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से नौकरी लेने वाले शिक्षक पर केस, प्रधानाचार्य की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज
चित्तौड़गढ़, 19 जून (हि.स.)। शिक्षा विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र लगा कर नौकरी हासिल करने वाले एक शिक्षक पर शिकंजा कसा है। चित्तौड़गढ़ जिले में बानसेन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापक लेवल-1 चंद्रेश कुमार के खिलाफ भदेसर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडिकल बोर्ड के पुनः परीक्षण में कार्मिक की दिव्यांगता भर्ती के निर्धारित मानदंड से कम पाई गई है। भदेसर थाने में प्रकरण दर्ज कर लिया गया। मामले में पुलिस शिक्षा विभाग से दस्तावेज लेकर जांच करेगी।
भदेसर थानाधिकारी विनोद मेनारिया ने बताया कि बानसेन स्कूल से प्रधानाचार्य शशि की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट में बताया कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर ने 10 सितंबर 2025 को सभी जिलों को आदेश जारी कर शिक्षक भर्ती 2016, 2018, 2021-22 व 2022 में दिव्यांग कोटे से लगे कार्मिकों का राजकीय मेडिकल कॉलेज के बोर्ड से पुनः परीक्षण कराने को कहा था। कार्मिक विभाग के 28 अगस्त 2025 के परिपत्र में स्पष्ट निर्देश थे कि दिव्यांगता मानदंड से कम पाए जाने या फर्जी प्रमाण-पत्र मिलने पर दोषी कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई कर सूचना एसओजी को भेजी जाए। थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस शिक्षा विभाग से दस्तावेज मंगवा कर जांच करेगी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा राजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह शिक्षक 2022 में नौकरी लगा था।
जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा चित्तौड़गढ़ के पत्र 9 जून 2026 के अनुसार, अध्यापक भर्ती 2022 में दिव्यांग श्रेणी में चयनित चंद्रेश कुमार का सक्षम स्तर से पुनः मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में कार्मिक की दिव्यांगता अध्यापक भर्ती के लिए तय मानदंड से कम मिली।
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसेन की प्रधानाचार्य शशि ने पूरे दस्तावेज के साथ पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ को परिवाद पेश किया। एसपी कार्यालय के गुरुवार रात को 8 बजे आदेश जारी कर दस्तावेज भदेसर थाना पुलिस को भेजे थे। शिकायत के आधार पर भदेसर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपित शिक्षक चंद्रेश कुमार पुत्र के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अनुसंधान भदेसर थानाधिकारी विनोद कुमार को सौंपा गया है। आरोप है कि कार्मिक ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति हासिल की।
गौरतलब है कि निदेशालय ने अधिकांश जिलों से 2 माह में कार्यवाही की सूचना नहीं मिलने पर स्मरण पत्र जारी किया था। इसमें दोषी कार्मिकों की सूची एसओजी को भेजने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिलेभर में दिव्यांग कार्मिकों का पुनः परीक्षण तेज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

