गांजा तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना विनय शर्मा यूपी से गिरफ्तार, 4.5 करोड़ का गांजा हुआ था बरामद
रायपुर/महासमुंद , 19 जून (हि.स.)। गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए महासमुंद पुलिस ने 4.56 करोड़ रुपये के मुख्य सरगना विनय शर्मा उर्फ पंडित जी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। पुलिस आराेपित काे ट्रैंजिट रिमांड मिलने के बाद आज छत्तीसगढ़ ला रही है।
छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले की बसना पुलिस ने 4.56 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा तस्करी सिंडिकेट के मुख्य सरगना और कथित नशा माफिया विनय शर्मा उर्फ पंडित जी को उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार किया है।
पुलिस का दावा है कि, आरोपित अंतरराज्यीयस्तर पर गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था और कई राज्यों में फैले कारोबार का मुख्य फाइनेंसर एवं रिसीवर था।
मामले की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 को हुई, जब बसना पुलिस ने पलसापाली चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन को रोका। जांच के दौरान पुलिस को वाहन में लदे कच्चे केलों के नीचे छिपाकर रखी गई 29 प्लास्टिक बोरियां मिलीं। तलाशी लेने पर इनमें कुल 912.760 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस ने वाहन से चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गांजे की यह खेप ओडिशा के कंधमाल जिले से लोड की गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के शामली जिले में रहने वाले विनय शर्मा तक पहुंचाया जाना था।
गिरफ्तारी के बाद पहले पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। विशेष रूप से आरोपित राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर के मोबाइल फोन की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे यह स्पष्ट हो गया कि पूरे नेटवर्क का संचालन विनय शर्मा कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, वह न केवल गांजे की खेप का मुख्य रिसीवर था, बल्कि पूरे नेटवर्क को आर्थिक रूप से संचालित भी करता था। इसके बाद बसना थाना की विशेष टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया। लगातार निगरानी और सूचना संकलन के बाद 17 जून को शामली से आरोपित विनय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि, 50 वर्षीय विनय शर्मा उर्फ पंडित जी मूल रूप से शराब, भांग और गांजे के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह विभिन्न राज्यों में 10 से अधिक शराब ठेकों से जुड़ा हुआ था और उन्हीं व्यावसायिक गतिविधियों की आड़ में अंतरराज्यीय नशा तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित को शामली की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। अब बसना पुलिस उसे महासमुंद लेकर आ रही है, जहां विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई अन्य नाम और नए खुलासे सामने आ सकते हैं।
महासमुंद पुलिस ने इस मामले में 'सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक' कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का दावा किया है। अब तक इस मामले में पांच प्रमुख आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपित में विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी मुख्य रिसीवर एवं सरगना (उत्तर प्रदेश), गिरफ्तार 17 जून 2026, अब्दुल नईम वाहन चालक एवं कैरियर (झारखंड), गिरफ्तार 17 अप्रैल 2026, राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर मुख्य बिचौलिया (मिडिलमैन), गिरफ्तार 24 अप्रैल 2026, रमाकांत बेहरा – मुख्य गांजा सप्लायर (कंधमाल, ओडिशा), गिरफ्तार 24 अप्रैल 2026, बबूल नायक – मुख्य गांजा सप्लायर (कंधमाल, ओडिशा), गिरफ्तार 14 मई 2026 हैं। वहीं अब तक पुलिस द्वारा इस मामले में अब तक 912.760 किलोग्राम अवैध गांजा, एक आयशर प्रो 2059 मालवाहक वाहन और चार फर्जी नंबर प्लेट जब्त की जा चुकी हैं।
महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, अन्य राज्यों में मौजूद कनेक्शन और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

