home page

विदेशी नागरिकों से कराेड़ाें रुपये ठगने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

 | 
विदेशी नागरिकों से कराेड़ाें रुपये ठगने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार


नोएडा, 07 अप्रैल (हि.स.)। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने तकनीकी सहायता देने के नाम पर यूरोप और अमेरिका के नागरिकों के साथ ठगी करने वाले कॉल सेंटर का मंगलवार को पर्दाफाश कर सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपिताें ने अब तक 250 से अधिक विदेशी नागरिकों के साथ ठगी कर चुके हैं।

डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर सेक्टर-76 क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान मोहम्मद बिलाल, देव कपाही, मुखेजा और कुशाग्र निम्बेकर के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि बिलाल गिरोह का सरगना है। तीन आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि एक राजस्थान का है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टेक सपोर्ट के नाम से पेड विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों में टोल-फ्री नंबर दिए जाते थे, जिन्हें देखकर विदेशी नागरिक खुद कॉल करते थे। कॉल आते ही ये आरोपित अपने लैपटॉप में इंस्टॉल कॉलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए कॉल रिसीव करते और खुद को किसी प्रतिष्ठित कंपनी का टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताते थे। इसके बाद ये पीड़ितों को विश्वास दिलाते कि उनके कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस को हैक कर लिया गया है और उनका डाटा खतरे में है।

उन्होंने बताया कि आरोपित डर का माहौल बनाने के लिए स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए पीड़ित के सिस्टम तक पहुंच बना लेते थे और कंप्यूटर स्क्रीन को ब्लैक कर देते थे। इससे पीड़ित घबरा जाता था और आरोपी के निर्देशों का पालन करने लगता। स्क्रीन एक्सेस मिलने के बाद आरोपी पीड़ित की बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते। इसके जरिए वे खाते में मौजूद रकम का अंदाजा लगाते। यदि खाते में कम रकम होती तो 350 से दो हजार अमेरिकी डॉलर तक वसूल लेते। वहीं, अगर खाते में अधिक राशि होती तो मामला तथाकथित सीनियर एजेंट को ट्रांसफर कर दिया जाता, जो और बड़े स्तर पर ठगी करता। ठगी से प्राप्त रकम को आरोपी क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ट्रांसफर कर लेते, जिससे रुपये का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

पूछताछ में सामने आया कि ये सभी उच्च शिक्षित हैं और अंग्रेजी बोलकर आसानी से लोगों को अपने जाल में फंसा लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, चार माइक्रोफोन हेडफोन और दो राउटर बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग लंबे समय से विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे थे और करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। उन्होने बताया कि अब तक की जांच में आरोपियों के खाते में हवाला के जरिए भी रकम आने का इनपुट मिला है। इस एंगल से भी जांच की जा रही है। ठगी का कॉल सेंटर आरोपियों ने दो माह पहले खोला था। आरोपियों के पास जरूरी लाइसेंस नहीं थे। जिस इमारत में ठगों ने कॉल सेंटर का सेटअप तैयार किया था, उसे उन्होंने 40 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर लिया था। पुलिस को पूछताछ के दौरान कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी पता चले हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी