सागर : बीएमसी के स्टोर रूम से मिले शव का चार दिन बाद खुला राज; अस्पताल प्रबंधन पर उठे कई सवाल
सागर, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) एक बार फिर विवादों में है। अस्थि रोग विभाग के वार्ड क्रमांक-14 से लापता हुए मरीज का शव चार दिन बाद उसी वार्ड के स्टोर रूम से बरामद होने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मालथौन क्षेत्र के अंडेला गांव निवासी 37 वर्षीय मंगल आदिवासी सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद 11 जुलाई को बीएमसी में भर्ती कराया गया था। 16 जुलाई की शाम उसके पिता दशरथ आदिवासी गांव लौट गए थे। परिजनों के मुताबिक उस समय मंगल की हालत सामान्य थी।
अगले दिन 17 जुलाई की सुबह जब पिता अस्पताल पहुंचे तो मरीज अपने बिस्तर से गायब था। ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि वह बिना बताए कहीं चला गया है। परिजनों ने अस्पताल परिसर और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद 19 जुलाई को गोपालगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
सोमवार सुबह वार्ड के स्टोर रूम से तेज दुर्गंध आने पर मरीजों ने इसकी सूचना अस्पताल कर्मियों को दी। पुलिस की मौजूदगी में स्टोर रूम खोला गया तो अंदर मंगल का शव अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में मिला। मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल पर मिले प्रारंभिक तथ्यों के अनुसार शव पुराने गद्दों के पास मिला। मृतक के चेहरे पर कपड़ा बंधा था और गले में रस्सी का फंदा लगा हुआ था, जिसका एक सिरा पास रखे आईवी स्टैंड से जुड़ा मिला। कमरे में खून के निशान भी पाए गए। इन परिस्थितियों को लेकर घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि चौबीसों घंटे स्टाफ की मौजूदगी वाले वार्ड से एक घायल मरीज स्टोर रूम तक कैसे पहुंचा। परिजनों का कहना है कि मरीज के लापता होने के बाद भी तत्काल सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की गई। वहीं, स्टोर रूम से कई दिनों तक आती दुर्गंध पर भी समय रहते ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
मृतक के पिता दशरथ आदिवासी ने बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे की मानसिक स्थिति सामान्य थी और वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता था।
बीएमसी के अधीक्षक डॉ. राजेश जैन ने कहा कि घटना की परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है। अस्पताल स्तर पर भी जांच समिति गठित की जा रही है और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

