home page

बिहार के मुजफ्फरपुर में गूंगी महिला से छेड़खानी पर युवक का सिर मुंडवाकर ग्रामीणों ने पूरे गांव में घुमाया

 | 

मुजफ्फरपुर, 08 मार्च (हि.स.)। बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र अन्तर्गत बसंत पंचायत में एक गूंगी महिला के साथ छेड़खानी करने के आरोप में ग्रामीणों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय खुद ही सजा सुना दी। पंचायत के फरमान' के बाद युवक का आधा सिर मुंडवाया गया, चेहरे पर कालिख (काला टीका) लगाई गई और फिर उसे पूरे गांव में घुमाया गया।

इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, घटना बसंत पंचायत की है। बताया जा रहा है कि आरोपित युवक, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले सीतामढ़ी का रहने वाला है लेकिन लंबे समय से औराई में ही बस गया है, उसने गांव की एक दिव्यांग (गूंगी) महिला के साथ बदसलूकी की थी। जब इसकी खबर महिला के परिजनों और ग्रामीणों को हुई, तो आक्रोश भड़क गया। आनन-फानन में पंचायत बुलाई गई। भरी सभा में युवक को दोषी करार देते हुए उस पर न केवल 5001 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया, बल्कि उसे अपमानित करने के लिए क्रूर तरीका अपनाया गया।

भीड़ का इंसाफ यहीं नहीं रुका। युवक का आधा सिर मुंडवा दिया गया और माथे पर कालिख पोत दी गई। इसके बाद गले में गमछा बांधकर उसे गांव की गलियों में घुमाया गया, ताकि 'नजीर' पेश की जा सके। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग तमाशबीन बने रहे और कुछ लोग इस कृत्य का समर्थन करते नजर आए। बताया जा रहा है कि युवक का परिवार बेहद गरीब है और उसके पिता भुजा बेचकर जीवन यापन करते हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानून के राज में भीड़ को सजा देने का अधिकार किसने दिया? मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी ईस्ट (वन) अलय वत्स ने बताया कि औराई थाना क्षेत्र से जुड़ा यह वायरल वीडियो संज्ञान में आया है।

डीएसपी ने कहा, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि वायरल वीडियो और पंचायत द्वारा दी गई सजा की बात सत्य पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंचायत में मुख्य भूमिका किन लोगों की थी और युवक के साथ मारपीट या अमानवीय व्यवहार करने वाले कौन थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी