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कानपुर के फर्जी ट्रांजेक्शन मामले में बैंकर और काले धन के नेटवर्क का खुलासा, कई राज्यों में सक्रिय है गिरोह

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कानपुर के फर्जी ट्रांजेक्शन मामले में बैंकर और काले धन के नेटवर्क का खुलासा, कई राज्यों में सक्रिय है गिरोह


कानपुर, 08 मई। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर के चकेरी थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए फर्जी फर्म और संदिग्ध ट्रांजेक्शन मामले में पूछताछ के दौरान नए खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपित महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी ने बताया कि आईडीबीआई बैंक के एक बैंकर की मदद से एपीएमसी (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी) के जरिए बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन कराए जाते थे, जिसके बदले वह डेढ़ लाख रुपये तक देता था। आरोपित ने यह भी स्वीकार किया कि वह स्लॉटर हाउस और स्क्रैप कारोबारियों का काला धन अपने खातों में लेकर तीन से पांच प्रतिशत कमीशन काटकर रकम वापस करता था।

चकेरी थाना पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर लोगों के दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना और इनामी आरोपित महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में 68 बैंक खातों में करीब तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं।

इस प्रकरण की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि आईडीबीआई बैंक में उसका सेविंग अकाउंट था, जिससे बड़े पैमाने पर धनराशि निकाली जाती थी। उसने पुलिस को जानकारी दी कि एक बैंकर सत्य प्रकाश रुपये निकालने और ट्रांजेक्शन कराने में उसकी सहायता करता था। आरोपित के अनुसार एपीएमसी (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी) के माध्यम से ट्रांजेक्शन कराने के एवज में सत्य प्रकाश उससे करीब डेढ़ लाख रुपये लेता था, जिससे उसे अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की सुविधा मिल जाती थी।

आरोपित ने यह भी बताया कि उसके संपर्क में कई स्लॉटर हाउस और स्क्रैप कारोबारी थे, जिनका काला धन वह अपने बैंक खातों में जमा कराता था। बाद में तीन से पांच प्रतिशत कमीशन काटकर रकम वापस कर दी जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह द्वारा फर्जी जीएसटी फर्में पंजीकृत कर बड़े स्तर पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए जा रहे थे। जांच के दौरान पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक नेटवर्क के तार जुड़े मिले हैं। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी जांच में ईडी, जीएसटी समेत अन्य जांच एजेंसियों का भी सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप