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फर्जी खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन कराने वाला बैंककर्मी गिरफ्तार

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फर्जी खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन कराने वाला बैंककर्मी गिरफ्तार


कानपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से हासिल रकम का लेनदेन कराने के आरोप में बर्रा पुलिस ने गुरुवार को निजी बैंक के रिलेशन मैनेजर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में फर्जी बैंक खातों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में बैंककर्मी की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपित फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट से प्राप्त रकम का लेनदेन कराता था। खातों की लिमिट बढ़ाकर बड़े पैमाने पर रकम मंगाई जाती थी और इसके बदले कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करते हुए उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने आज मुकेश झा निवासी मेहरबान सिंह का पुरवा, गुजैनी को गिरफ्तार किया। वह गुमटी नंबर पांच स्थित उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में रिलेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक वह अन्य आरोपितों के साथ मिलकर लोगों के आधार और पैन कार्ड हासिल करता था और उनके नाम पर फर्जी जीएसटी फर्म व उद्यम पंजीकरण कराए जाते थे।

जांच में सामने आया कि इन फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक में खाते खुलवाए गए। इनमें विमलेश जनरल स्टोर, अर्जुन नमकीन भंडार और राज कांट्रैक्टर्स समेत अन्य फर्में शामिल हैं। आरोप है कि इन खातों के जरिये साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और जीएसटी चोरी से प्राप्त रकम का बड़े स्तर पर लेनदेन किया जाता था।

पुलिस के अनुसार बैंककर्मियों की मिलीभगत से फर्जी खाते खुलवाने और उन्हें संचालित कराने का काम किया जाता था। खातों की लिमिट बढ़ाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। किसी खाते के संबंध में साइबर शिकायत आने पर बैंककर्मियों द्वारा उसमें जमा रकम को निकलवाने या दूसरे खातों में स्थानांतरित कराने में मदद की जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम में से पांच से दस प्रतिशत तक कमीशन बैंककर्मियों को दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक संबंधित खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। मामले में बर्रा थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार आरोपित को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाली किसी भी कॉल पर विश्वास न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लेनदेन या साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। किसी भी लालच में अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए न दें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप