अशोकनगर: बेटी के जन्म से टूटी उम्मीद, मां पर ही मासूम की हत्या का आरोप! गिरफ्तार
अशोकनगर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के अशोकनगर में जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में महज एक दिन की नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत ने पुलिस को जांच के लिए मजबूर कर दिया। शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लग रहा था, लेकिन चिकित्सकीय परीक्षण में जब बच्ची की मौत गला दबाने से होना सामने आया, तो पूरे मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने खुलासा कर बताया कि मासूम की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी मां ने ही की, जिसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए आखिरकार नवजात की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने खुलासा कर बताया कि मासूम की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी मां ने ही की, जिसे गिरफ्तार किया गया है।
घटना बीते 3 अक्टूबर की है। जिला अस्पताल में एक नवजात बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की सूचना पुलिस को मिली। मामला गंभीर होने पर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में बच्ची की मौत सामान्य नहीं बल्कि गला दबाने के कारण होने की बात सामने आई। इसके बाद थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारी कोतवाली को आरोपित की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
मामले की जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अस्पताल के प्रसूता वार्ड के भीतर सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में पुलिस के पास घटना को सीधे कैमरे में देखने का कोई जरिया नहीं था।
इसके बावजूद पुलिस टीम ने अस्पताल में लगे अन्य कैमरों के फुटेज खंगाले और घटनाक्रम से जुड़ी हर संभावित कड़ी को जोडऩे का प्रयास किया। इसके साथ ही मृतिका के परिजनों से अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस ने बयान, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई नवजात की मां की ओर घूमने लगी।
पुलिस के मुताबिक महिला से चिकित्सकीय अनुमति और आवश्यक संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने नवजात बालिका की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार, महिला की पहले भी एक पुत्री थी। परिवार में पुत्र होने की अपेक्षा संबंधी बातें सुनकर वह इस बार बेटे की उम्मीद कर रही थी।2 अक्टूबर की रात करीब 11: 30 बजे बेटी का जन्म हुआ। बेटे की उम्मीद के विपरीत बेटी पैदा होने से महिला मानसिक रूप से विचलित हो गई और आवेश में आकर उसने अपनी नवजात पुत्री का गला दबा दिया। महज एक दिन की इस मासूम की जिंदगी वहीं खत्म हो गई, जबकि उसे अभी दुनिया को ठीक से देखना भी नसीब नहीं हुआ था। पुलिस ने आरोपी महिला को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

