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अशोकनगर: भतीजी का एक लाख में सौदा करने बाली बुआ गिरफ्तार

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अशोकनगर: भतीजी का एक लाख में सौदा करने बाली बुआ गिरफ्तार


अशोकनगर, 27 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के अशोकनगर में ईसागढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग आदिवासी बच्ची के अपहरण और 1 लाख रुपये में सौदेबाजी करने के सनसनीखेज मामले में घटना के बाद से फरार चल रही मुख्य साजिशकर्ता और पीडि़ता की सगी बुआ सुखवती आदिवासी को पुलिस ने घेराबंदी कर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी कार्रवाई के बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपित महिला को जेल भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि 23 मई को थाना ईसागढ़ क्षेत्र से एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 6 घंटे के भीतर नजीराबाद और ब्यावरा क्षेत्र से नाबालिग को सकुशल दस्तयाब (रेस्क्यू) कर लिया था।

इस घिनौने अपराध में शामिल अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन को ज़ब्त करने के साथ ही निम्नलिखित आरोपितों को गिरफ्तार कर पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है जिनमें गुड्डी बाई गुर्जर (निवासी राजगढ़), नीरज जोगी (निवासी राजगढ़),लखन गुर्जर (निवासी राजगढ़), प्रेम गुर्जर (निवासी राजगढ़) शामिल हैं।

अपहरण के बाद पीडि़ता को सुरक्षा के लिहाज से वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। जब वहां पीडि़ता के आधिकारिक कथन (बयान) दर्ज किए गए, तो बेहद चौंकाने वाली हकीकत सामने आई।

वहीं पीड़िता ने बताया कि उसकी अपनी सगी बुआ सुखवती आदिवासी ने महज 1 लाख रुपये के लालच में आकर उसका सौदा राजगढ़ की महिला आरोपित गुड्डी बाई गुर्जर से कर दिया था। बुआ ने ही आरोपितों के साथ मिलकर अपहरण की इस पूरी साजिश को अंजाम दिलवाया था।

पीडि़ता के बयानों के आधार पर ईसागढ़ पुलिस ने बुआ सुखवती आदिवासी को मामले में मुख्य सह-आरोपित बनाया। वह घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी। थाना प्रभारी कदवाया मनीष सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी महिला गुना क्षेत्र में छिपी हुई है। पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और आरोपित सुखवती को गिरफ्तार कर लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार