पैरोल अवधि बीतने पर भी आसाराम जेल नहीं पहुंचा : प्रहरी ने कराया फरारी का केस दर्ज
जोधपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। अपने ही गुरूकुल की छात्रा से यौन शोषण के आरोप में सजायाप्ता आसाराम मंगलवार शाम तक जोधपुर सेंट्रल जेल पर नहीं पहुंचा। वह देर रात तक यहां आया था, मगर उसे बाद में जेल नियमों के तहत प्रवेश नहीं दिया गया। इधर उसके जेल में समय पर नहीं पहुंचने पर जेल प्रहरी बनवारीलाल की तरफ से फरारी का केस दर्ज कराया गया है। जिसमें रातानाडा थाने के एएसआई भवानी सिंह की तरफ से तफ्तीश आरंभ की गई है। वह बीस दिन की पैरोल लेकर जेल से निकला था।
मंगलवार को पैरोल अवधि बढ़ाने के लिये दायर सुप्रीम कोर्ट में अपील के निरस्त होने के बाद देर रात जोधपुर पहुंचे यौन शोषण के मामले में सजा याफ्ता आसारा एक बार फिर सुखिर्यो में है। निर्धारित समय पर सेंट्रल जेल नहीं पहुंच पाने के कारण जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद आसाराम सीधे सेंट्रल जेल के बाहर पहुंचा, लेकिन रात होने के चलते जेल के दरवाजे उनके लिए बंद रहे। जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह ने इस पूरे मामले की रात को पुष्टि की।
20 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद समय पर केंद्रीय कारागृह नहीं पहुंचने पर आसाराम के खिलाफ जेल प्रहरी बनवारीलाल की रिपोर्ट पर रातानाड़ा थाना पुलिस ने 58 ख कारागार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
वारंट के तहत फिर हो सकती है गिरफ्तारी :
कारागार अधिनियम 58 ख के तहत बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसमें 3 वर्ष तक की सजा व 3000 रुपए के आर्थिक दण्ड का प्रावधान है। ऐसे रिकॉर्ड के कारण आसाराम द्वारा कोर्ट में पेश की जाने वाली आगामी अर्जियों पर भी असर पड़ सकता है। उक्त धारा जेल से पैरोल पर छूटने के बाद फरार होने वाले या समय पर वापस न लौटने वाले बंदियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सख्त सजा सुनिश्चित करती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

