ड्यूटी के दौरान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने दी जान, कमरे से मिला सुसाइड नोट, प्रेम प्रसंग में तनाव की बात
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। उत्तरी दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. सिमरप्रीत सिंह आनंद (35) ने ड्यूटी के दौरान कथित रूप से एनेस्थीसिया की ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनके कमरे से तीन पन्नों का सुसाइड नोट, सिरिंज और दवा की खाली शीशी मिली है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से लुधियाना (पंजाब) निवासी डॉ. सिमरप्रीत पिछले तीन वर्षों से अस्पताल में कार्यरत थे। शनिवार रात आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक उनकी ड्यूटी थी। ड्यूटी के दौरान वह कमरे में चले गए। सुबह शिफ्ट समाप्त होने पर जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्टाफ की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा तो डॉक्टर अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डाॅक्टराें ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को डॉक्टर के बाएं हाथ में कैनुला लगा मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि उन्होंने इसी के जरिए एनेस्थीसिया की घातक मात्रा ली। कमरे से बरामद तीन पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी इच्छा से आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस के अनुसार नोट में उन्होंने अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से प्रेम संबंध का जिक्र करते हुए लिखा है कि अलग जाति होने के कारण परिवार शादी के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपना सामान संबंधित महिला डॉक्टर को सौंपने का भी अनुरोध किया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ड्यूटी पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने टेक्निकल असिस्टेंट से यह कहकर हाथ में कैनुला लगवाया था कि उन्हें दवा लेनी है। वहीं, मृतक के एक रिश्तेदार ने महिला डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और कोई दूसरा रास्ता नहीं था। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

