राजगढ़ : एपीके फाइल डाउनलोड करते ही खाते से निकले 2.72 लाख, तीन आरोपित गिरफ्तार
राजगढ़, 23 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खुजनेर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराने के बाद पीड़ित के बैंक खाते से चार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 2 लाख 72 हजार 101 रुपये निकाल लिए गए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपितों तक पहुंचकर ठगी की पूरी रकम बरामद कर ली है।
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम बड़लावदा निवासी जितेंद्र (35) पुत्र कालूसिंह यादव ने 18 अगस्त को खुजनेर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद उसके बैंक खाते से अचानक रकम निकल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
मामला सामने आते ही पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क किया और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई राशि में से 66 हजार 896 रुपये तत्काल होल्ड करा दिए। इसके बाद पुलिस टीम और साइबर सेल ने बैंकिंग लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को साइबर ठगी के तार सूरत क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस ने सूरत निवासी सेफ अली (31) पुत्र मोहम्मद हनीफ ताई, आदिल (28) पुत्र मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद सोयल (36) पुत्र मोहम्मद फारुक को अभिरक्षा में लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर ठगी गई 2 लाख 72 हजार 101 रुपये की पूरी राशि बरामद कर ली गई। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने इस तरह की साइबर ठगी की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर ठगी के इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैंकिंग लेन-देन की जानकारी, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस संदिग्धों तक पहुंची और कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में खुजनेर थाना प्रभारी रवि ठाकुर, निरीक्षक वीरेन्द्र धाकड़, उप निरीक्षक जगदीश गोयल, साइबर सेल प्रभारी जितेंद्र अजनारे सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका रही।
पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने, अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने अथवा संदिग्ध फोन कॉल पर बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने की स्थिति में बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की राशि को समय रहते होल्ड कराने की कार्रवाई की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

