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राजगढ़ः फर्जी जन्म प्रमाण पत्र गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपित गिरफ्तार

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राजगढ़ः फर्जी जन्म प्रमाण पत्र गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपित गिरफ्तार


राजगढ़, 08 अप्रैल(हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में माचलपुर थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के आधार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को हिरासत में लिया है। पूछताछ पर आरोपितों ने 250 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर 35 हजार रुपये अवैध रुप से कमाना स्वीकार किया है।

एएसपी केएल.बंजारे ने बुधवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष मेें आयोजित पत्रकारवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 6 अप्रैल को डॉ. सुनील चौरसिया, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जीरापुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर थाना माचलपुर में आरोपित के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मुख्य आरोपित अर्जुन बैरागी, जो अस्पताल रामगढ़ में डाटा एंट्री ऑपरेटर था, जिसने फरवरी 2026 में एक भी डिलीवरी न होने के बावजूद 137 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए। इनमें कई प्रमाण पत्र बिना आवेदन के, कई वर्ष 1950-1980 के बीच के तथा कई अन्य राज्यों के व्यक्तियों के बनाए गए थे। सीआरएस पोर्टल पर भी फर्जी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड किए गए, जिसकी जानकारी संबंधित मेडिकल अधिकारी को नही थी।

पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि वह आधार कार्ड में नाम/जन्मतिथि संशोधन कराने के लिए ये फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करता था। लोकसेवा केन्द्र, आधार सेंटर एवं एमपी ऑनलाइन संचालकों के माध्यम से ग्राहक जुटाए जाते थे। प्रति प्रमाण पत्र 500 से 1000 रुपये तक वसूले जाते थे। आरोपित ने लगभग 250 फर्जी प्रमाण पत्र बनाना और 35,000 रुपये अवैध रूप से कमाना स्वीकार किया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपित अर्जुन पुत्र रमेषचंद्र बैरागी निवासी लखोनी सहित देवीलाल पुत्र गंगाराम गुर्जर निवासी कचनारिया, गिरिराज पुत्र हरिसिंह मीणा निवासी दुपाड़िया थाना जीरापुर, पवन पुत्र प्रेमसिंह राठौड़ निवासी धत्रवाड़ा थाना जीरापुर, जसवंत पुत्र भगवानसिंह गुर्जर निवासी फिरोजपुर थाना माचलपुर और सोनू पुत्र देवीलाल शर्मा निवासी राजपुरा थाना माचलपुर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामगढ़ का कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया गया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि फर्जी दस्तावेज बनाना या बनवाना गंभीर दंडनीय अपराध है, अतः वैध प्रक्रिया का ही पालन करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक