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राजगढ़ः डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर ऐंठे 60 हजार,आरोपित गिरफ्तार

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राजगढ़ः डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर ऐंठे 60 हजार,आरोपित गिरफ्तार


राजगढ़, 22 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कोतवाली थाना पुलिस ने डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर एक गरीब ऑटो चालक से 60 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को भी अभिरक्षा में लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने बुधवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 7 जुलाई को बांसवाड़ा मोहल्ला निवासी 38 वर्षीय ऑटो चालक जितेंद्र पुत्र विष्णू मेवाड़े के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया। आरोपित ने अश्लील वीडियो देखने के नाम पर डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाया और मामला रफा-दफा करने का झांसा देकर 60 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। लगातार ब्लैकमेल से डरे पीड़ित ने अपना ऑटो गिरवी रखकर यह राशि जुटाई थी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धारा 318(4), 308(2)बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया।

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने बैंक और संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मामले में आरोपित आलोक (19) पुत्र दौलतसिंह पाल निवासी कानपुर, बृजेष (26)पुत्र छुट्टनसिंह पाल निवासी कानपुर और एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। पुलिस ने प्रभावी फॉलोअप के चलते ठगी गई 60 हजार की पूरी राशि रिकवर कर पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा कराई। पुलिस आरोपितों के नेटवर्क और अन्य मामलों में संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर डराने वाले किसी भी कॉल पर भरोसा न करें। भारत में ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक