चोरी के मोबाइल का पुराना डाटा बदलकर बेचने वाले गिरफ्तार
नई दिल्ली, 13 जून (हि.स.)। पूर्वी जिला के स्पेशल स्टाफ ने एक ऐसे गिरोह का खुलाश किया है जो चोरी के मोबाइल का पुराना डाटा बदलकर उनको रिफर्बिश्ड करके बेच देते थे। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान मोहम्मद जलाल (29) और इमरान (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों के पास से कुल 45 मोबाइल फोन, 22 फोन की बॉडी, चीनी एएमपी टूल, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए दोनों ही आरोपी महज 12वीं कक्षा पास हैं। आरोपित चोरी के मोबाइल का पुराना सारा डाटा, आईएमईआई नंबर समेत सब डिलीट करके उस पर नया डाटा डाल देते थे। इसके बाद मोबाइल की बॉडी और दूसरी चीजों को नया डालकर मोबाइल को नया मोबाइल बताकर बेच दिया जाता था। आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल फोन में फिलहाल 7 मोबाइल फोन उप्र, हरियाणा और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी पाए गए हैं। पुलिस बाकी मोबाइल फोन को लिंक करने का प्रयास कर रही है।
पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को बताया कि उनकी टीम को लगातार गिरोह की खबर मिल रही थी। पुलिस की टीम ने गैंग की जानकारी जुटाना शुरू किया। इस बीच स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक को खबर मिली कि गिरोह करोल बाग के गफ्फार मार्केट में सक्रिय है। फौरन एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बिडनपुरा, गफ्फार मार्केट, करोल बाग में केजीएन साॅफ्टवेयर और मोबाइल संस्थान नामक शॉप पर छापेमारी की। वहां से पुलिस ने दोनों आरोपितों को दबोचा। दुकान से मिले कुल 45 मोबाइल की जांच हुई तो आरोपित इन मोबाइल फोन के मालिकों की जानकारी नहीं दे पाए। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों ने बताया कि वह करोल बाग में मोबाइल सर्विस करने, सॉफ्टवेयर और दूसरी समस्याओं को ठीम करने की आढ़ में अपना काम कर रहे थे। आरोपित इसी तरह हजारों मोबाइल कम दामों में खरीदकर उनको रिफर्बिश्ड कर बेच चुके हैं। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

