घूस लेने के आरोपित आर्मी इंजीनियर को भेजा जेल, सीबीआई संपत्ति की जांच में जुटी
नौकरी लगने के एक साल में खरीदा 1.50 करोड़ का बंगला, दूसरे साल में ली 30 लाख की कार
जोधपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। जयपुर में पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर सुधांशु सुमन को दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर सीबीआई की टीम ने सोमवार को जोधपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 27 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इससे पहले शनिवार को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम उसे जयपुर से जोधपुर लेकर पहुंची थी। इधर आरोपित की संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, नौकरी जॉइन करने के एक साल बाद ही आरोपित इंजीनियर ने बिहार के भागलपुर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का एक आलीशान बंगला खरीदा। इसके बाद 30 लाख रुपये की कार खरीद ली। बिहार के रहने वाले आरोपित सुधांशु सुमन ने साल 2019 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुडक़ी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद साल 2023 में उसने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में एजीई (ग्रुप ए ऑफिसर) के रूप में जॉइन किया।
जयपुर के निवारू आर्मी कैंट में असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर (एजीई) के पद पर तैनाती के दौरान उसके जिम्मे सैन्य क्षेत्र के विभिन्न निर्माण कार्यों और उनसे जुड़े बिलों की तकनीकी जांच व पासिंग जैसे अहम काम थे। इन्हीं अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उसने कथित तौर पर भ्रष्टाचार का रास्ता अपना लिया।
सूत्रों के मुताबिक दो दिन की रिमांड के दौरान सीबीआई ने आरोपित से लंबी पूछताछ की है। इस दौरान उसके बैंक खाते, प्रॉपर्टी के कागजात, डिजिटल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डिटेल्स से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं। गिरफ्तारी के बाद जयपुर स्थित आवास की तलाशी में तीन लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई थी। इन संपत्तियों और घोषित आय के बीच बड़े अंतर को देखते हुए अब आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी जांच की जा रही है। इसके लिए आरोपित की सैलरी, इनकम टैक्स रिटर्न और लोन के कागजों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि जोधपुर सीबीआई डीआईजी राजवीर सिंह के निर्देशन में टीम ने जयपुर में यह ट्रैप कार्रवाई की थी। परिवादी ने शिकायत दी थी कि सुधांशु सुमन उसका 35 लाख रुपये बकाया के बिल पास करने के लिए 90 हजार रुपए की घूस मांग रहा था। 10 अप्रैल को यह सौदा तय हुआ और 11 अप्रैल को जब आरोपी 50 हजार रुपये की पहली किस्त ले रहा था, तभी सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

