एएनटीएफ ने नाै माह में अस्सी इनामी नशा तस्कर गिरफ्तार
जयपुर, 21 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट पर शिकंजा कसने के लिए गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान 'एएनटीएफ का वार : डायमंड जुबली के पार' के तहत महज नौ महीनों में 80 इनामी नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया गया है। गिरफ्तार तस्करों पर कुल 21 लाख 28 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि अभियान के तहत राज्य और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए राजस्थान सहित देश के आठ राज्यों में समन्वित अभियान चलाया गया। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, केरल, झारखंड और पश्चिम बंगाल में छिपे तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपिताें में 64 राजस्थान, 10 मध्य प्रदेश, दो-दो गुजरात और पंजाब तथा एक-एक हरियाणा, केरल, झारखंड और पश्चिम बंगाल के निवासी शामिल हैं। ये आरोपित दूसरे राज्यों में रहकर राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ ने राज्य स्तर पर घोषित 'टॉप-25' सूची में शामिल चार बड़े नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पकड़े गए 80 इनामी अपराधियों में 65 तस्करों पर 25 हजार रुपए से अधिक का इनाम घोषित था। इनमें दो अपराधियों पर एक लाख रुपये से अधिक तथा नौ अपराधियों पर 50 हजार रुपए से अधिक का इनाम था। गिरफ्तार आरोपिताें में 16 ऐसे तस्कर भी शामिल हैं, जो पिछले पांच से दस वर्षों से फरार चल रहे थे और कानून से बचते हुए नशे के कारोबार का संचालन कर रहे थे।
फरार तस्करों तक पहुंचने के लिए एएनटीएफ ने कई जगहों पर विशेष रणनीति अपनाई। पुलिसकर्मियों ने परिस्थितियों के अनुसार चरवाहा, कंपाउंडर, जनगणना कर्मी, लाइनमैन, मजदूर, ठेकेदार और किराएदार का वेश धारण कर तस्करों के ठिकानों की रेकी की। पुख्ता सूचना मिलने के बाद बिना किसी भनक के आरोपियों को दबोच लिया गया।
पूरे अभियान को एएनटीएफ की पांच विशेष टीमों 'डेल्टा', 'विक्टर', 'सैमसन', 'रूद्रा' और 'रैण्डी' ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। ऑपरेशन की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इनके सांकेतिक नाम 'नीलमणि', 'विषाणुबाहु', 'मदमार्जार' और 'खर-दूषण' रखे गए थे।
आईजी विकास कुमार ने कहा कि 80 इनामी तस्करों की गिरफ्तारी के बाद अब एएनटीएफ का अगला लक्ष्य 'नार्को-25' सूची में शामिल तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करना है। इसके लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजस्थान पुलिस ने 'नशा मुक्त राजस्थान' अभियान को सफल बनाने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी या तस्करों से संबंधित कोई भी गोपनीय सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

